सोनीपत के गोहाना रोड स्थित अशोक विहार की गली नंबर-1 निवासी सेवानिवृत्त फौजी को झांसे में लेकर साइबर ठग ने उनसे 2.29 लाख रुपये ठग लिये। साइबर ठग ने उनका दोस्त बनकर 12 अंक के इंटरनेट नंबर से कॉल की और दूसरे दोस्त की मां बीमार होने का बहाना बनाकर उनसे अलग-अलग खातों में रुपये डलवा लिये। पीड़ित सेवानिवृत्त फौजी ने एक दिन बाद अपने दोस्त को कॉल कर बातचीत की तो ठगी का पता लगा। जिस पर सिटी थाना पुलिस को अवगत कराया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
किसी अन्य दोस्त की मां के बीमार होने बहाना बनाकर खातों में डलवाई राशि
अशोक विहार निवासी सतबीर कौशिक ने सिटी थाना पुलिस को बताया कि वह सेना से सेवानिवृत्त हैं। उन्होंने बताया कि 3 मई को दोपहर बाद वह घर पर थे। इसी दौरान उनके मोबाइल पर 12 अंक के मोबाइल नंबर से कॉल आई। उनके कॉल रिसीव करते ही दूसरी तरफ से आवाज आई पहचाना। जिस पर उन्होंने अंदाजा लगाकर कह दिया कि गौरव बोल रहे हो। तब उसने कहा कि ठीक पहचाना। सतबीर कौशिक ने कहा कि गौरव उनका दोस्त है। उन्हें लगा कि उसकी कॉल आई है।
एक दिन बाद पीड़ित ने दोस्त से बातचीत की तो ठगी का पता लगा
इसके बाद कॉल करने वाले ने कहा कि उनके एक साथी की मां बीमार है, उसे रुपयों की जरूरत है। उसे रुपये भेजने है। जिस पर सतबीर ने कह दिया कि उनके पास तो रुपये नहीं हैं। जिस पर दूसरी तरफ से कहा गया कि रुपये वह उनके खाते में भेज देते हैं। जिस पर सेवानिवृत्त फौजी ने कह दिया कि दोस्त के पास ही भेज दीजिए। दूसरी तरफ से कहा गया कि इससे दो ट्रांजेक्शन हो जाएंगी। इसके बाद सतबीर उसके झांसे में आ गए और अपना अकाउंट नंबर उसे भेज दिया।
अशोक विहार निवासी पीड़ित ने सिटी थाना में दर्ज कराया मुकदमा
दूसरी तरफ से उन्हें रुपये जमा करने की स्लिप भेजी गई। उसने कहा कि आपके खाते में रुपये भेज दिए हैं। बाद में उसने कहा कि दोस्त की मां बीमार है। उसे रुपए भेज दो। जिस पर उन्होंने अपने परिजन रमेश सिंह के खाते से 99999 रुपये साइबर ठग द्वारा दिए गए शिखर रस्तोगी के खाते में भेज दिये। फिर प्रदीप कुमार के खाते से 50 हजार रुपये शिखर के खाते में डाले गए। फिर उसने कहा कि कुछ रुपये और भेज दो। उसके बाद अपने बेटे नवीन कुमार के खाते से 20 हजार रुपये गूगल पे से मनीराम के नंबर पर भेजे। उसके बाद नवीन कुमार के खाते से 25 हजार रुपये शिखर रस्तोगी के खाते में भेजे गए।
साइबर ठगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही पुलिस
फिर नवीन कुमार के खाते से 5000 रुपये, दवा के नाम पर गूगल पे से 30 हजार रुपये गोपाल सिंह के खाते में डाले गए। उन्होंने उनसे कुल 2.29 लाख रुपये डलवा लिए। जिसके बाद 4 मई को उन्होंने अपने दोस्त गौरव को कॉल की तो उन्होंने बताया कि उसने तो कल कॉल ही नहीं की थी। तब उन्हें साइबर ठगी का पता लगा। उन्होंने रात को ही अपने बेटे से साइबर क्राइम पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करवाई। उसके बाद मैसेज आने पर उन्होंने सिटी थाना में शिकायत दी। पुलिस ने जांच के बाद धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस टीम बैंक खातों व मोबाइल नंबर से साइबर ठगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।