गांव भैंसवाल कलां में नकाबपोश बदमाशों ने एक युवक की घर में घुसकर ताबड़तोड़ गोली बरसा हत्या कर दी। हमलावर बाइकों पर आए थे। वारदात को अंजाम देने से पहले उन्होंने परिवार के तीन अन्य सदस्यों को हथियार के बल पर बंधक बना लिया था। बाद में वह हथियार लहराते हुए फरार हो गए। पुलिस ने युवक के भाई के बयान पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने क्षेत्र में नाकाबंदी कर तलाश शुरू कर दी है।
12 राउंड किए फायर
वीरवार सुबह करीब दस बजे गांव भैंसवाल कलां में छह से ज्यादा नकाबपोश बदमाश बाइकों पर आए। वह ग्रामीण देवेंद्र के घर में घुस गए। देवेंद्र के घर उसके ताऊ का लड़का प्रवीन चारपाई पर लेटा हुआ था। बदमाशों ने घर में घुसते ही तीन लोगों को पिस्टल दिखाकर बंधक बना लिया। इस दौरान तीन बदमाशों ने प्रवीन पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू दी। प्रवीन पर 12 राउंड फायरिंग की गई है, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। उसके बाद बदमाश हथियार लहराते हुए मौके से फरार हो गए। वारदात के बाद गांव में दहशत फैल गई तथा देखते ही देखते लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई।
एफएसएल की टीम ने की छानबीन
मामले की सूचना पर सदर थाना प्रभारी फूलकंवार व डीएसपी राजीव देशवाल मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मौके पर एफएसएल की टीम को बुलाया तथा गहनता से छानबीन की। पुलिस ने प्रवीन के भाई जितेंद्र के बयान पर हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि आपसी दुश्मनी के चलते वारदात को अंजाम दिया है। मामले का जल्द ही खुलासा कर लिया जाएगा।
परिजनों ने शव उठाने से रोका
वारदात के बाद गुस्साए प्रवीन के परिजनों ने पुलिस को उसका शव उठाने से रोक दिया था। पुलिस द्वारा समझाने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए लाया गया। पहले शव को गोहाना के नागरिक अस्पताल में लाया गया था। जहां से चिकित्सकों ने शव को बीपीएस मेडिकल कालेज खानपुर कलां भिजवा दिया।
पुलिस ने नाकाबंदी कर शुरू की तलाश
डीएसपी राजीव देशवाल ने मामले की छानबीन करने व बदमाशों को जल्द दबोचने के लिए तीन टीमों का गठन कर दिया है तथा पूरे इलाके की नाकाबंदी करा दी है। डीएसपी ने परिजनों को आश्वासन दिया कि बदमाशों को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।
प्रवीन का रहा आपराधिक रिकार्ड
सदर थाना प्रभारी फूलकंवार ने बताया कि प्रवीन का भी आपराधिक रिकार्ड था। उसके खिलाफ वर्ष 2007 में राज सिंह निवासी भैंसवाल कलां की सरिए से पीट-पीटकर हत्या करने का आरोप लगा था। हालांकि मामले में समझौता होने के कारण केस से बाहर निकाल दिया था। राज सिंह की खंदराई मोड़ पर टैंपो से उतारकर हत्या की गई थी।