महिला की हत्या के आरोपी ने जेल में फंदा लगाकर दी जान, रोशनदान की ग्रिल पर लटका मिला शव
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। जिला कारागार में हत्या के मामले में बंद व्यक्ति ने बैरक नंबर पांच के बाथरूम की खिड़की में कपड़े से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। उसे फंदे पर लटका देख मामले की सूचना जेल अधिकारियों को दी गई। जिस पर पुलिस को सूचित किया गया। सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। पूरी कार्रवाई ड्यूटी मजिस्ट्रेट जेएमआईसी सर्वप्रीत कौर की निगरानी में की गई। व्यक्ति पर घर के बाहर कचरा डालने को लेकर हुए विवाद में महिला की हत्या करने का आरोप था।
खानपुर निवासी सुरेंद्र (43) गांव की एक महिला की हत्या व अन्य पर जानलेवा हमला करने के मामले में जेल में बंद था। रविवार की तड़के सवा पांच बजे जेल कर्मचारी बैरक नंबर पांच-ए में पहुंचे तो सुरेंद्र को बैरक में न पाकर इधर-उधर ढूंढा गया। वहीं, बैरक में बाथरूम में जाकर जांच की तो वहां पर सुरेंद्र रोशनदान की लोहे की ग्रिल में कपड़े से बनाए गए फंदे पर लटका हुआ था। जिस पर मामले की सूचना तुरंत जेल उप अधीक्षक रामचंद्र को दी गई। उन्होंने मौके पर जाकर जांच के बाद पुलिस को अवगत कराया। सूचना के बाद कोर्ट काम्पलेक्स चौकी से प्रभारी फूलकंवार व एएसआई विपेंद्र टीम समेत मौके पर पहुंचे। जांच के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। मामले में कार्रवाई ड्यूटी मजिस्ट्रेट जेएमआईसी सर्वप्रीत कौर की निगरानी में की गई। बाद में पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिजनों को सौंप दिया।
सुरेंद्र के खिलाफ दर्ज था हत्या का मामला
खानपुर निवासी कृष्ण ने 25 दिसंबर 2018 को सुरेंद्र के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया था। उसने पुलिस को बताया था कि सुरेंद्र ने उसके घर के आगे कूड़ा डाल दिया था। जब इस बात पर उसकी पत्नी कमलेश ने एतराज जताया तो सुरेंद्र ने उसकी पत्नी से झगड़ा कर दिया था। मौके पर सुरेंद्र की पत्नी और अन्य दूसरे परिजन भी आ गए थे। सुरेंद्र ने अपनी जेब से चाकू निकाला और कमलेश की छाती में घोंप दिया था। कमलेश को बचाने का प्रयास करने पर आरोपी ने उसके भाई जयभगवान और एक अन्य ग्रामीण पर भी हमला कर दिया था। तीनों को बीपीएस राजकीय महिला मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में ले जाया गया था। जहां चिकित्सकों ने कमलेश को मृत घोषित कर दिया था। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए 29 दिसंबर, 2018 को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। उसे 30 दिसंबर को जेल में भेजा गया था।
पिता से कहा था- ‘छोटी सी घटना ने जीवन बर्बाद कर दिया’
सुरेंद्र के पिता भीम सिंह ने सामान्य अस्पताल में बताया कि शनिवार को वह अपने भतीजे के साथ जेल में सुरेंद्र से मिलने गया था। बेटे ने कहा था कि छोटी सी घटना ने उसका जीवन बर्बाद कर दिया। उसका बेटा सुरेंद्र खानपुर, मेडिकल में बतौर क्लर्क कार्यरत था।
रात को खाया था खाना, दूध भी पीया
जेल उप अधीक्षक रामचंद्र ने बताया कि बंदी सुरेंद्र का व्यवहार ठीक था। उसने एक दिन पहले ही अपने पिता व चचेरे भाई से मुलाकात की थी। उसने शनिवार रात को खाना खाने के बाद दूध भी पीया था। उसके बावजूद उसने सुबह फंदा लगा लिया।