हरियाणा के सोनीपत जिले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक) सुरुचि अतरेजा सिंह की अदालत ने किशोरी से दुष्कर्म करने व उसके गर्भवती होने के मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को 20 साल की कैद और 70 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि में से 60 हजार रुपये पीड़िता को देने के आदेश दिए गए हैं।
मुरथल थाना क्षेत्र के गांव की महिला ने 6 मार्च, 2021 को पुलिस को बताया था कि वह दिल्ली में शादी समारोह में आए हुए थे। यहां आकर उसकी 16 वर्षीय बेटी के पेट में दर्द हुआ तो वह उसे चिकित्सक के पास लेकर गए थे। जहां पर चिकित्सक ने बताया था कि वह आठ माह की गर्भवती है।
महिला ने बताया कि वह मायके में ही रहती है। उसकी बेटी ने उसे बताया है कि रिश्ते में ममेरे भाई रोहित ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया था। वह उसे डराकर दुष्कर्म करता था। आरोपी ने पहली बार उसे अकेला देखकर छत के रास्ते घर में आकर दुष्कर्म किया था। उसके बाद वह कई बार दुष्कर्म कर चुका था।
इसके चलते वह गर्भवती हो गई थी। पुलिस ने महिला के बयान पर आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म व 6 पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज किया था। मामले की जांच अधिकारी बबली ने आरोपी को रोहित को गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया था।
मामले की सुनवाई करते हुए बुधवार को एएसजे सुरुचि अतरेजा सिंह अदालत ने आरोपी रोहित को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को 6 पॉक्सो एक्ट में 20 साल की कैद व 50 हजार रुपये जुर्माना, भादंसं की धारा 506 में दो साल कैद व 10 हजार रुपये जुर्माना, 452 में पांच साल की कैद व 10 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि में से 60 हजार रुपये पीड़िता को देने के आदेश दिए गए हैं। जुर्माना न देने पर सवा साल अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
मृत पैदा हुआ था बच्चा, पुलिस ने कराया था डीएनए टेस्ट
पुलिस के अनुसार, अस्पताल में भर्ती कराने के बाद किशोरी ने मृत बच्चे को जन्म दिया था। इसके बाद पुलिस ने सुबूत के तौर पर उसका डीएनए टेस्ट भी करा लिया था। जिसकी मधुबन करनाल में जांच कराकर उसकी रिपोर्ट भी अदालत में दी थी।