गोहाना। गांव बुटाना के पास राइडर नंबर 41 पर गश्त कर रहे सिपाही व एसपीओ की हत्या में गिरफ्तार युवतियां आरोपियों से मिलने के लिए अपने परिजनों को नींद की गोलियां देकर आई थीं। उनको नींद की गोलियां अमित लाकर देता था। वहीं हत्या आरोपी संदीप इनकी सभी ख्वाहिश पूरी करने को तत्पर रहता था। वारदात के दौरान जब सिपाही रविंद्र व एसपीओ ने उन्हें पकड़ा तो युवतियों को फंसने का डर था। इस दौरान रविंद्र जब मोबाइल से उनकी फोटो ले रहा था तो उन्होंने फोन छीन लिया था और गिरफ्तार आरोपी आशा फोन को अपने साथ ले गई थी।
पुलिस ने शुक्रवार को सिपाही व एसपीओ की हत्या के आरोप में बुटाना की सुशीला व आशा को गिरफ्तार किया है। दोनों ने पुलिस के सामने खुलासा किया है कि वह घटना की रात को अपने परिजनों को नींद की गोलियां देकर आई थीं। जिससे उनकी आंख तड़के तक खुलती और वह तब तक वापस लौट आतीं। रात को जब पुलिस कर्मी वहां पर पहुंचे तो युवती कार में थीं और युवक बाहर थे। उन्होंने शराब पी रखी थी। युवतियां कोई भी फरमाइश करती थीं, उनको पूरा करने की जिम्मेदारी संदीप की थी। सुशीला कुछ समय जींद में रही थी। वहां पर उसकी पहचान अमित से हुई थी। उसके बाद उसने अपनी पड़ोसन व सहेली आशा को भी उससे मिलवाया था। उसके बाद आरोपी गांव बुटाना आने लगे। जिस दिन युवकों को आना होता था, वह पहले ही युवतियों को मैसेज कर देते थे। उसके चलते युवतियां परिवार के लोगों को नींद की गोलियां दे देती थीं। गोलियां पहले ही अमित दे जाता था।
रविंद्र फोटो खींचने लगा तो मोबाइल छीन लिया
पुलिस जांच में सामने आया है कि रात्रि कर्फ्यू में जब रविंद्र ने कार खड़ी देखी तो वह उनके पास चले गए थे। इस दौरान उन्हें चौकी में चलने के साथ ही रविंद्र उनके मोबाइल से फोटो लेने लगा था। युवती अपने परिजनों को नींद की गोलियां देकर आई थी। ऐसे में उन्हें फंसने का डर था। इस पर आरोपियों ने उनका मोबाइल फोन छीन लिया था। जिसे बाद में मामले में गिरफ्तार की गई युवती आशा उठाकर ले गई थी। पुलिस अब उससे रविंद्र का मोबाइल भी बरामद करेगी।
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सिपाही व एसपीओ की हत्या के मामले में गिरफ्तार आरोपी युवतियों से पूछताछ में सामने आया है कि वह अपने परिजनों को नींद की गोलियां देकर युवकों से मिलने आई थी। गोलियां अमित उपलब्ध कराता था। पता लगाया जाएगा कि गोली किस तरह की थी।
-जश्नदीप सिंह रंधावा, एसपी सोनीपत।