याशी कंसल्टेंसी कंपनी की ओर से प्रॉपर्टी का सर्वे करने के बाद शहर के लोगों को गलत असेसमेंट नोटिस (मूल्यांकन सूचना) मिल रहे हैं। लोगों को गलत नोटिसों को ठीक कराने के लिए निगम कार्यालय में लंबी लाइन में लगना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि कंपनी की ओर से प्रॉपर्टी सर्वे किया गया है। अब असेसमेंट नोटिस गलत मिलने से उनकी परेशानी बढ़ गई है। अधिकतर नोटिसों में प्रॉपर्टी का क्षेत्र, मोबाइल नंबर व मालिक के नाम तक गलत हैं। नोटिसों को ठीक करने के लिए निगम कार्यालय के नागरिक सुविधा केंद्र में रिसेप्शन काउंटर पर दो कर्मचारियों को लगा रखा है। यहां पर रोजाना 60 से 70 लोगों की नोटिस ठीक कराने के लिए शिकायतें दर्ज हो रही हैं।
प्रदेश सरकार की ओर से याशी कंसल्टेंसी कंपनी को शहर की प्रॉपटी सर्वे का टेंडर दिया गया है। नगर निगम क्षेत्र में सर्वे पूरा होने के बाद कंपनी की ओर से 11 फरवरी को लोगों के मोबाइल पर एसएमएस कर दिए गए थे। अधिकारियों के अनुसार निगम क्षेत्र में 1 लाख 49 हजार से अधिक प्रॉपर्टी हैं। अब कंपनी की ओर से असेसमेंट नोटिस भेजे जा रहे हैं। अब तक कंपनी की ओर से 8500 लोगों को बिल, असेसमेंट नोटिस भेजे जा चुके हैं। जिनमें ज्यादातर गलत हैं। ऐसे में गलत नोटिस मिलने से शहर के लोगों को परेशानी हो रही है।
निगम के अधिकारियों का कहना है कि असेसमेंट नोटिस के आधार पर प्रॉपर्टी मालिक यह पता लग सकता था कि सही गृहकर दर्ज किया या नहीं, लेकिन अब नोटिस में ही गलती के चलते उसकी सही जानकारी मिलने में संशय पैदा हो गया है।
ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करा सकते हैं संपत्ति मालिक
याशी कंसल्टेंसी कंपनी की तरफ से नोटिस पर बार कोड की सुविधा दी गई है। इसकी मदद से प्रॉपर्टी मालिक बार कोड स्कैन कर इसे लेकर अपनी आपत्ति को ऑनलाइन दर्ज करवा सकते हैं। उन्हें इसके लिए चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। निगम प्रशासन के अनुसार प्रॉपर्टी मालिक इस असेसमेंट नोटिस को बिल न समझें। इस नोटिस के माध्यम से प्रॉपर्टी संबंधी त्रुटियों को दूर किया जाएगा। वहीं असेसमेंट नोटिस में दी गई जानकारी को निगम कार्यालय में आकर भी सही करा सकता है। इसके लिए असेसमेंट नोटिस के साथ नगर निगम कार्यालय में प्रार्थना पत्र (एप्लीकेशन) जमा करवानी होगी। साथ ही उस त्रुटि से जुड़े दस्तावेज भी जमा करवाने होंगे।
घर पर मालिक न मिलने पर प्रॉपर्टी पर चस्पा किया जा रहा नोटिस
निगम अधिकारियों का कहना है कि असेसमेंट नोटिस बांटने के दौरान यदि प्रॉपर्टी मालिक नोटिस प्राप्त नहीं करता है या किन्हीं कारणों से प्रॉपर्टी मालिक नहीं मिलता है तो असेसमेंट नोटिस प्रॉपर्टी पर चस्पा करने के निर्देश दिए गए हैं। कंपनी की ओर से अब तक 8500 लोगों तक नोटिस पहुंचाए गए हैं। ऐसे में उप निगम आयुक्त वीरेंद्र सहारण ने कंपनी अधिकारियों व क्षेत्रीय कर अधिकारी के साथ बैठक करके 31 मार्च से पहले सभी नोटिसों का वितरण करने के निर्देश दिए हैं।
क्या कहते हैं लोग
सेक्टर में मैंने दो मकान खरीद रखे हैं। निगम कार्यालय की ओर से भेजे गए नोटिस में दोनों मकानों का क्षेत्र गलत दर्शाया गया है। जिनको ठीक कराने के लिए निगम कार्यालय के कई दिन से चक्कर काट रहा हूं। लाइन ज्यादा लंबी होने के कारण लौटना पड़ रहा है। गलत नोटिसों को ठीक करने के लिए कर्मचारी कोई सुनवाई नहीं कर रहे है। महेंद्र निवासी सेक्टर-23।
प्रॉपर्टी सर्वे के बाद भेजे गए गलत नोटिसों में प्रॉपर्टी का क्षेत्र, मोबाइल नंबर, मालिक का नाम तक गलत है। नोटिस को ठीक कराने के लिए एक घंटे से नंबर आने का इंतजार कर रही हूं। रिसेप्शन काउंटर पर दो कर्मचारी होने के कारण काम धीमी गति से हो रहा है। सरिता निवासी सेक्टर-12।
मेरी प्रॉपर्टी व पड़ोस के एक व्यक्ति की प्रॉपर्टी को एक दिखाया गया है। रिकॉर्ड दिखाने के बावजूद निगम कर्मचारियों ने प्रॉपर्टी को अलग नहीं किया है। निगम कार्यालय में अपनी प्रॉपर्टी अलग करवाने के लिए कई दिन से चक्कर काट रहा हूं, लेकिन अधिकारी प्रॉपर्टी के कागजात ठीक कराने के लिए कोई कदम नहीं उठा रहे। अजय निवासी गांव शामाबाद।
निगम की ओर से भेजे गए असेसमेंट नोटिस में काफी गलतियां हैं। जिनको ठीक कराने के लिए निगम कार्यालय में लगी लाइन में खड़ा हुआ। करीब एक घंटे बाद नंबर आने के बाद शिकायत दर्ज हो सकी। सुंदर सिंह, निवासी सेक्टर-23।
याशी कंसल्टेंसी कंपनी की ओर से प्रॉपर्टी सर्वे पूरा करने के बाद असेसमेंट नोटिस भेजे जा रहे हैं। अब तक 8500 लोगों को नोटिस दिए जा चुके हैं। गलत नोटिस मिलने के बाद लोगों की सुविधा के लिए निगम कार्यालय में रिसेप्शन काउंटर शुरू कर रखा है, वहां पर लोग अपनी समस्या का समाधान करा सकते हैं। वीरेंद्र सहारण, उप निगम आयुक्त नगर निगम।