मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम ने शुक्रवार को गांव सबौली औद्योगिक क्षेत्र में एक गोदाम पर छापा मारकर अवैध रूप से रखे गए कृषि उर्वरक यूरिया के 1158 बोरे बरामद किए हैं। आरोप है कि गोदाम से यूरिया को अवैध रूप से उद्योगों में सप्लाई किया जा रहा था। आरोपी अनुदान पर मिलने वाले यूरिया को उद्योगों में प्रयोग करा रहे थे। टीम ने मौके से पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर लिया है। कार्रवाई में कुंडली थाना पुलिस और कृषि विभाग की टीम भी मौजूद रही।
रोहतक से आए मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के प्रभारी इंस्पेक्टर रामनिवास ने बताया कि कुंडली औद्योगिक क्षेत्र में अवैध रूप से यूरिया का भंडारण होने की सूचना मिली थी। टीम को जानकारी दी गई थी थी कि सबौली गांव के पास स्थित गोदाम से यूरिया अवैध रूप से उद्योगों में सप्लाई की जा रही है। इस पर एक संयुक्त टीम का गठन किया गया। इसमें कुंडली थाना पुलिस और कृषि विभाग की टीम को शामिल किया गया। टीम ने कुंडली के सबौली में एक गोदाम पर छापा मारा। गोदाम में कई कर्मचारियों के साथ उसका मालिक नारायण सिंह और उसका पुत्र संदीप कुमार मौजूद थे। गोदाम में 1158 बोरे यूरिया का अवैध भंडारण मिला। पता लगा कि यूरिया को सोनीपत में दो बड़े दुकानदारों से खरीदा गया है। वह यूरिया खाद अवैध रूप से उद्योगों को सप्लाई करते हैं। टीम ने नारायण सिंह और संदीप कुमार दोनों पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर लिया है।
अनुदान पर मिले उर्वरक की हो रही अवैध सप्लाई
कृषि विभाग की टीम के प्रभारी राकेश हुड्डा ने बताया कि खेती में प्रयोग के लिए यूरिया पर सरकार से अनुदान मिलता है। यहां से खेती में प्रयोग होने वाले नीम कोटिड यूरिया व 667 बैग मिले। अन्य बोरे सामान्य यूरिया के थे। एक बैग यूरिया पर सरकार का 11 सौ रुपये का अनुदान है। आरोपी अनुदान के यूरिया का अवैध रूप से उद्योगों में प्रयोग करा रहे थे। उनके पास उर्वरक रखने का कोई लाइसेंस नहीं था।
दोनों दुकानदारों पर होगी कार्रवाई
राकेश हुड्डा ने बताया कि नारायण सिंह और संदीप ने सोनीपत से यूरिया लाने की बात स्वीकार की है। उर्वरक को लेकर मारामारी मची हुई है। किसी भी किसान को बिना मशीन के उर्वरक देने पर रोक लगाई हुई है। ऐसे में बिना लाइसेंसधारी को यूरिया की सप्लाई देना अपराध है। दोनों दुकानदारों का लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी।
उद्योगों में होता है प्रयोग
यूरिया का कई उद्योगों में बड़ी मात्रा में प्रयोग होता है। यूरिया का पाउडर बनाकर प्लाइवुड बनाने की फैक्टरियों में प्रयोग किया जाता है। इसके साथ ही मुर्गीदाना बनाने और पशुओं का पोषाहार बनाने की फैक्टरियों में यूरिया का बड़े स्तर पर प्रयोग किया जाता है।
वर्जन
मुख्यमंत्री उड़नदस्ता टीम के साथ छापा मारा गया। मौके पर दोनों आरोपी पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर लिया गया है। इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
- इंस्पेक्टर रवि कुमार, थाना प्रभारी, कुंडली
गांव सबौली के पास औद्योगिक क्षेत्र में गोदाम के अंदर मिले यूरिया खाद को लेकर कार्रवाई करती पुलिस?- फोटो : Sonipat