सोनीपत। कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि 7 नवंबर काे छठ महापर्व हर्षोल्लास से मनाया जाएगा। मंगलवार 5 नवंबर को नहाय-खाय के साथ छठ महोत्सव की शुरुआत हो जाएगी। 8 नवंबर को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ छठ महापर्व संपन्न होगा। जिले में छठ महापर्व पर पूजा-अर्चना के लिए यमुना सहित 9 जगह घाट सजाए जा रहे हैं। चार दिवसीय महापर्व को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह बना हुआ है। शहर में चारों ओर उत्सव-सा माहौल नजर आने के साथ बाजारों की रौनक बढ़ गई है।
छठ महापर्व के प्रति लोगों के उत्साह को देखते हुए छठ पूजन में उपयोग होने वाली सामग्री के बाजार भी सज चुके हैं। एक दशक की बात करें तो सोनीपत में बहुत ही कम लोग छठ महापर्व मनाते थे। ऐसे में महापर्व के दौरान पूजन में प्रयोग होने वाली सामग्री भी पूर्ण रूप से मुहैया नहीं हो पाती थी। श्रद्धालुओं को पूजन सामग्री लेने के लिए दिल्ली की ओर रूख करना पड़ता था, लेकिन अब सोनीपत में शहर ही नहीं, बल्कि राई, मुरथल, कुंडली, रोहट नहर, यमुना घाट, बड़ी स्थित एचएसआईआईडीसी के अलावा विभिन्न कॉलोनियों में भी मेले जैसा माहौल नजर आता है। पूर्वांचल से आकर यहां बसे काफी लोग छठ महापर्व मनाते हैं। सोनीपत में कुल 60 हजार मतदाताओं के वोट पूर्वांचल वासियों के हैं। ऐसे में यहां छठ महापर्व पर दीपोत्सव की तरह माहौल नजर आने लगा है।
शहर में कई जगह छठ की सामग्री का बाजार सजने लगा है। पूजन सामग्री की मांग बढ़ने से इस बार सामान की कीमतों में 15 फीसदी इजाफा हुआ है। पिछले एक दशक में सोनीपत में पूर्वांचल से आकर बसे लोगों के कारण स्थानीय लोगों को भी छठ महापर्व के बारे में जानकारी हो गई है। यही वजह है कि अब स्थानीय लोग भी छठ महापर्व से जुड़ने लगे हैं। इससे पूजन सामग्री भी खूब बिकने लगी है।
इस पूजन सामग्री की बढ़ी मांग
दुकानदार नरेश कुमार व अजय कुमार ने बताया कि छठ महापर्व पर पूजन सामग्री की कीमत में भी उछाल आया है। इनके अलावा फलों के साथ नारियल, केला, सेब, अनार, गन्ना, अमरूद, अनानास, अदरक, सिंघाड़ा, आंवला की मांग भी बढ़ गई है। छठ महापर्व पर सबसे अधिक मांग नारियल, सूप (छाज), बड़े नींबू, गन्ने, फल, कच्ची अदरक व हल्दी, मूली की रहती है।
सामान के लिए पहले दिल्ली लगानी पड़ती थी दौड़
पूर्वांचल समाज से डाॅ. राहुल सिंह, संजीव तिवारी व हरेराम सिंह ने बताया कि करीब एक दशक पहले छठ महापर्व पर पूजन का सामान यहां उपलब्ध नहीं होता था। लोगों को पूजन का सामान लेने के लिए खासतौर पर दिल्ली स्थित आजादपुर मंडी तक दौड़ लगानी पड़ती थी। शहर के अलावा छठ पर्व पर बीसवां मील व कुंडली में दर्जनों दुकानों पर पूजन सामग्री मिल रही है।