जेईई मेंस में रैंकिंग सुधारने के लिए आयोजित परीक्षा में हुई धांधली के मामले के तार सोनीपत से भी जुड़े हैं। इस मामले में सीबीआई की टीम आरोपी को लेकर सोनीपत के दो शिक्षण संस्थानों में चल रही लैब में पहुंची और जांच की। टीम ने यहां कुछ कंप्यूटर का रिकॉर्ड भी खंगाला। हालांकि, दोनों संस्थानों में किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई है।
सीबीआई ने जेईई मेंस में धांधली करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया था। इस सिलसिले में एफआईआर दर्ज करते हुए सीबीआई ने दिल्ली, एनसीआर के कई जिलों, पुणे, बंगलूरू, जमशेदपुर और इंदौर में छापे मारे थे। सीबीआई ने जारी विज्ञप्ति में बताया था कि एनआईटी के शीर्ष संस्थानों में नामांकन के लिए यह गिरोह 12 से 15 लाख रुपये लेता था। बताया गया कि नोएडा स्थित एफिनिटी एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेड के निदेशकों ने जेईई मेंस में बेहतर रैंकिंग दिलाने का खेल खेला। इसके एजेंट कई राज्यों में फैले थे। ये एजेंट जेईई मेंस में कम रैंकिंग वाले विद्यार्थियों से संपर्क कर उन्हें बेहतर रैंकिंग और शीर्ष एनआईटी संस्थान में नामांकन का भरोसा दिलाते थे। इसकी एवज में 12 से 15 लाख रुपये की मांग करते थे। परीक्षा में धांधली के लिए एफिनिटी एजुकेशन के निदेशकों ने सोनीपत के एक परीक्षा केंद्र में कुछ कर्मचारियों से साठगांठ कर ली थी। विद्यार्थियों को इसी केंद्र को चुनने के लिए कहा जाता था। इसी कड़ी में सीबीआई सोनीपत के दो संस्थानों में आरोपी को लेकर पहुंची थी।