सोनीपत। सूरी पेट्रोल पंप वाली गली के पास से गांव बैंयापुर के सरपंच का पिस्तौल के बल पर अपहरण करने का प्रयास किया गया। सरपंच ने ब्रेकर पर कार से कूदकर अपनी जान बचाई। सरपंच का आरोप है कि गांव के युवक ने पंचायती जमीन पर उसका 20 साल से कब्जा लिखकर देने का दबाव बनाया था। मना करने पर उनके साथ वारदात की। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
गांव बैंयापुर के सरपंच हिमाचल ने सिटी थाना पुलिस को बताया कि वह 1 जून को गोहाना जाने के लिए घर से निकले थे। वह अपनी कार में सूरी पेट्रोल पंप वाली गली के मोड़ पर पहुंचे, तो वहां भीड़ होने के कारण उन्होंने गाड़ी को रोक लिया था।
उनका आरोप है कि तभी उनके गांव का सुरजीत आया और उनकी गाड़ी की खिड़की खोलकर उनके पेट पर पिस्तौल अड़ा दी। उन्हें साथ की सीट पर धकेल दिया। उसी दौरान तीन-चार युवक और आ गए। वह जबरदस्ती गाड़ी को वापस गांव की तरफ लेकर चल दिए। रास्ते में एक स्पीड ब्रेकर आया तो वे गाड़ी से कूद गए। इस दौरान उनकी घड़ी, मोबाइल, सोने की चेन भी वहां गिर गई।
सरपंच का आरोप है कि करीब 20 दिन पहले गांव का सुरजीत उनके घर आया था। उसने कहा था कि सरकारी स्कूल के सामने पंचायती जमीन पर उसका कब्जा है। उसने कहा था कि 20 साल से प्लॉट पर कब्जा दिखाकर रजिस्ट्री उसके नाम करवा दो। तब उन्होंने मना कर दिया था। उस समय सुरजीत ने घर से निकलते समय धमकी दी थी। उसी रंजिश में उसने उनका अपहरण करने की कोशिश की।
मामले के जांच अधिकारी मनोज की टीम ने आरोपी सुरजीत व गांव शहजादपुर के अभिषेक को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपियों को एक दिन के रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।