फोटो 12- सोनीपत के खरखौदा स्थित औद्योगिक मॉडल टाउनशिप में मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के प्ला
खरखौदा। हरियाणा के औद्योगिक विकास में भूमिका निभा रही मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड ने अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में एक और पहल की है। कंपनी ने खरखौदा व मानेसर संयंत्रों में दो नई सौर परियोजनाओं के साथ अपनी कुल सौर ऊर्जा क्षमता में 30 मेगावाट पीक (एमडब्ल्यूपी) का विस्तार किया है।
इसमें खरखौदा संयंत्र में 20 व मानेसर संयंत्र में 10 एमडब्ल्यूपी की क्षमता की स्थापना की गई।
मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी हिसाशी ताकेउचि ने बताया कि इस विस्तार के साथ कंपनी की कुल सौर ऊर्जा क्षमता 49 से बढ़कर 79 एमडब्ल्यूपी हो गई है।
यह पहल न केवल हरित ऊर्जा की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण व सतत विकास के प्रति मारुति सुजुकी की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।
उन्होंने बताया कि मारुति सुजुकी की योजना वर्ष 2030-31 तक 925 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश कर सौर क्षमता को 319 एमडब्ल्यूपी तक पहुंचाने की है। उस समय तक कंपनी की कुल बिजली खपत में नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी करीब 85 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी।
खरखौदा के औद्योगिक मॉडल टाउनशिप (आईएमटी) में मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड की ओर से नए प्लांट में फरवरी 2025 में कार उत्पादन शुरू किया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्लांट की आधारशिला 28 अगस्त 2022 को ऑनलाइन माध्यम से रखी थी। मारुति प्लांट की वार्षिक उत्पादन क्षमता 2.5 लाख वाहनों की रहेगी।