जजपा-भाजपा गठबंधन लंबे समय तक चलेगा। साढ़े 3 वर्ष तक चला है और आगे भी चलता रहेगा। आगामी चुनाव भी गठबंधन में ही होगा। अजय चौटाला मंगलवार को गांव रूखी में जनसभा को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने बरोदा हलके के गांव रिढ़ाना, कथूरा, माहरा, रूखी, शामडी़, छतैहरा व बुटाना व अन्य का दौरा कर लोगों को 2 जुलाई को जुलाना की नई अनाज मंडी में होने वाली जजपा की रैली का न्योता दिया। इस दौरान उन्होंने वर्ष 2024 में होने वाले लोकसभा व विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर उन्हें तैयारी तेज करने के लिए कहा।
चौटाला ने कहा कि उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने प्रदेश के विकास को लेकर काम किए हैं। जजपा किसान, मजदूर, व्यापारी, कर्मचारी, युवा, छात्र व अन्य हर वर्ग को साथ लेकर चलती है। इस मौके पर चेयरमैन पवन खरखौदा, भूपेंद्र मलिक, शीलू खासा, जुगती राम, ज़िला पार्षद सुरेंद्र मलिक, अशोक मोर, हवा सिंह वर्मा, राममेहर राठी, पदम रांगी, राकेश मलिक, रामप्रसाद शर्मा, मोनू बली, निर्मला मोई, राजा खंदराई व अशोक जवाहरा मौजूद रहे।
सांसद बृजेंद्र सिंह बोले- हरियाणा में सरकार बीजेपी की, बागडोर जेजेपी के पास, अब आ गई फैसले की घड़ी
हिसार से भाजपा सांसद बृजेंद्र सिंह ने भाजपा-जेजेपी गठबंधन पर मंगलवार को कहा कि अब फैसले की घड़ी आ गई है। चुनावी वर्ष होने के कारण पार्टी को इस संबंध में फैसला लेना चाहिए। मेरी नजर में हरियाणा में भाजपा का कोई भी कार्यकर्ता गठबंधन से खुश नहीं है। प्रदेश में सरकार बीजेपी की है लेकिन प्रशासन की बागडोर जेजेपी के पास है। इसलिए पार्टी का कोई भी नेता व कार्यकर्ता गठबंधन के पक्ष में नहीं है।
उन्होंने कहा कि उचाना कलां में 1984 से लेकर अब पांच बार चौटाला परिवार के साथ आमना-सामना हो चुका है। जिसमें हम लोग 3-2 से आगे हैं। मैं तो चाहूंगा कि दुष्यंत चौटाला उचानाकलां से ही चुनाव लड़ें। वह भारी बहुमत से जीतकर राज्य के डिप्टी सीएम बने। उनकी असली कसौटी उचाना कलां की जनता तय करेगी।
गठबंधन से नुकसान हो रहा
इससे पहले बृजेंद्र सिंह ने कहा था कि लोकसभा की सभी 10 सीटों पर लड़ेंगे। जल्द ही विधानसभा सीटो की संख्या का भी एलान कर देंगे। गठबंधन टूटने की अटकलबाजी में नहीं जाऊंगा। मुझे नहीं लगता गठबंधन से कोई फायदा है, अब तो नुकसान ही हो रहा है। विधानसभा चुनाव परिणाम हमारे अनुकूल नहीं रहा। छह-सात अलग-अलग विधायकों को अपने साथ लाने के बजाय एक ग्रुप को लिया था, जिससे सरकार बनी। अब राजनीतिक फैसले लेने का समय है, जिससे हम चुनाव को लेकर पूरी मजबूती से लड़ सकें।