गांव अटेरना के प्रगतिशील किसान पद्मश्री कंवल सिंह चौहान को कृषि नेतृत्व पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उनको यह पुरस्कार प्रदेश के किसानों को जैविक व व्यावसायिक खेती में साथ लेकर आगे बढ़ने के लिए प्रदान किया गया है।
दिल्ली में वीरवार को आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने उनको पुरस्कार प्रदान किया। कंवल सिंह को कृषि में नवपरिवर्तन के लिए चयनित किया गया। ज्यादातर किसान खेती को फायदे का सौदा नहीं मानते हैं। परंपरागत खेती करते रहने से एक ओर जहां पैदावार प्रभावित होती है, वहीं बाजार में बेहतर मांग सामने नहीं आती। इससे किसानों को पैदावार का वाजिब दाम नहीं मिलता है, जिससे किसानों का खेती से मोह भंग होने लगता है। सरकार कृषि क्षेत्र में बदलाव की पक्षधर रही है। वह इसके लिए लगातार प्रयासरत हैं।
कंवल सिंह चौहान ने खेती में बदलाव कर उसको व्यावसायिक बना दिया। आजकल उनकी खेती उद्योगों का मुकाबला कर रही है। उन्होंने मशरूम और स्वीटकॉर्न-बेबीकॉर्न की खेती करनी शुरू की। इसके साथ ही क्षेत्र के किसानों को अपने साथ जोड़ दिया। उन्होंने इसको व्यावसायिक स्तर पर करके देश के बड़ी मंडियों के साथ ही विदेशों को निर्यात करना शुरू किया। इससे किसानों को परंपरागत खेती के मुकाबले में आठ से दस गुना मुनाफा होने लगा। साथ ही बाजार और उपभोक्ता की मांग समझकर उन्होंने केमिकल फ्री जैविक खेती करानी शुरू की। इससे केमिकल खेती की पैदावार के मुकाबले ज्यादा लाभ मिलने लगा। उनके साथ आजकल प्रदेश के करीब पांच हजार किसान जुड़े हुए हैं। इसके चलते उन्हें सम्मानित किया गया।