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छह माह बाद वर्कशॉप में मिली 20 बैट्री, 10 बसों में लगाकर रूटों पर भेजा

Sat, 13 May 2017 11:40 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला सोनीपत
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बस डिपो के वर्कशॉप मेें लगभग छह माह बाद 20 बैट्री मिली है। बैट्री न मिलने के कारण वर्कशॉप में लगभग एक माह से 10 बसें खराब खड़ी थीं। अब इन 10 बसों में बैट्री लगाकर उन्हें रूटों पर भेज दिया है, जबकि अब भी मैकेनिकों की कमी होने के कारण 12 बस वर्कशॉप में खराब खड़ी हैं। वर्कशॉप के अधिकारियों के अनुसार लगभग 60 बैट्रियों की अब भी आवश्यकता है, ताकि बसों की हालत सुधर सके।
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160 बसों का है बेड़ा
बस डिपो में 160 बसों का बेड़ा हैं, जिनमें प्रतिदिन करीब 28 हजार यात्री यात्रा करते हैं। इससे बसों में खराबी होना आम बात है। बसों की खराबी को दूर करने के लिए डिपो परिसर में वर्कशॉप बनाया गया है, लेकिन वर्कशॉप में पिछले छह माह से न तो बसों की बैट्री आ रही है और अन्य सामान भी देरी से पहुंच रहा है। इसके अलावा 100 की जगह केवल 20 मैकेनिक ही काम कर रहे हैं। इस कारण हर रोज बैट्री व अन्य कारणों से बसें खराब हो रही हैं। इससे रूटों पर बस कम करना पड़ रहा है, जिससे रोडवेज को लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। वहीं, यात्रियों को समय पर बस न मिलने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों की इसी परेशानी को अमर उजाला ने 8 मई को प्राथमिकता से उठाया था, जिस पर रोडवेज ने संज्ञान लेते हुए 20 बैट्री वर्कशॉप में भेजी दीं। मैकेनिकों ने 10 बसों में बैट्री लगा दी, जिससे इन बसों को डीआई ने दिल्ली, बागपत, बड़ौत व चंडीगढ़ रूट पर भेज दिया। बसों के रूटों पर बढ़ने से यात्रियों को सुविधा मिलेगी।
25 बसों की बैट्री हो चुकीं पुरानी
रोडवेज की एक बस में दो बैट्री लगी होती हैं। प्रत्येक बैट्री 12 वोल्ट की होने के साथ इनकी सही तरीके से चलने की क्षमता लगभग दो साल होती हैं। वर्कशॉप अधिकारियों के अनुसार लगभग 25 बसों में ऐसी बैट्री लगी हैं जो बहुत पुरानी हो चुकी हैं और वह किसी भी समय बंद हो सकती हैं। इसलिए उन बसों की सुचारु रूप से चलाने के लिए अब भी लगभग 60 नई बैट्रियों की जरूरत है।
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वर्कशॉप में 20 बैट्री मिली हैं। इनमें से 4 गोहाना सब डिपो में भेज दी हैं। बैट्री न होने के कारण खराब खड़ी बसों में आवश्यकता अनुसार लगा दी हैं और उन बसों को वर्कशॉप से रूटों पर भिजवा दिया है। अब भी 60 बैट्रियों की कमी है क्योंकि कई बसों में पुरानी बैट्री हैं, जिससे वह खराब हो जाती है। नई आने के बाद बसों की स्थिति सुधरेगी। फिलहाल बैट्री की कमी के चलते कोई बस खराब नहीं है, जबकि 12 बस मैकेनिक की कमी के चलते खराब हैं।
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-रणधीर सिंह, मुख्य मैकेनिक वर्कशॉप सोनीपत।
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