सोनीपत। पेपर सॉल्वर गैंग के मुख्य आरोपी निलंबित सीबीआई कर्मी ने करीब 150 युवकों को नौकरी लगवाने के लिए उनके पेपर पास कराए है। उसने एसटीएफ की पूछताछ में करीब 10 युवकों के नाम भी बताए है। एसटीएफ ने आरोपी सोनीपत के गांव पिपली निवासी दिशांत उर्फ रॉकी उर्फ ऑकी को एक दिन पहले काबू कर पांच दिन के रिमांड पर लिया था।
एसटीएफ सोनीपत प्रभारी इंस्पेक्टर सतीश देशवाल ने बताया कि पानीपत में दर्ज पेपर लीक मामले में दिशांत को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया गया है। आरोपी ने एसटीएफ के सामने कई खुलासे किए हैं। उसने बताया है कि वह करीब 150 युवकों को नौकरी लगवा चुका है। उसे एक युवक को नौकरी लगवाने के नाम पर करीब 50 हजार रुपये मिलते थे। अब टीम आरोपी की प्रॉपर्टी व बैंक खातों की जानकारी जुटाएगी। आरोपी की मुख्य सरगना रोबिन से दोस्ती विकास नाम के युवक ने करवाई थी। पुलिस टीम उससे लगातार पूछताछ कर सुबूत जुटा रही है। आरोपी ने जिन युवकों के नाम बताए हैं उनके बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही हैं।