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83 एमएम बारिश ने गर्मी से दिलाई राहत, जलभराव से बढ़ाई आफत

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गांव सोहटी में बारिश का आनंद लेते बच्चे। संवाद - फोटो : Sonipat
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सोनीपत। जिले में वीरवार को मानसून ने दस्तक दे दी है। मानसून की पहली बारिश ने भीषण गर्मी से लोगों को बड़ी राहत दी है। समय पर आए मानसून ने पहले ही दिन जून में बारिश का पांच सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। सुबह शुरू हुआ बारिश का सिलसिला दिनभर जारी रहा। जिले में औसत 83 एमएम बारिश दर्ज की गई। इस दौरान जगह-जगह जलभराव होने से अधिकतर लोगोेें के दो पहिया वाहन बंद हो गए। वे अपने वाहनों को धकेलकर ले जाते दिखाई। मौसम विशेषज्ञों की मानें तो जिले में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा, जिससे सप्ताह के अंत तक झमाझम बारिश के आसार बने रहेंगे। बारिश से तापमान में भी 12 से 14 डिग्री तक गिरावट आई है। मानसून के सक्रिय होते ही जिले में धान रोपाई के कार्य ने भी तेजी पकड़ ली है।
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दिल्ली-एनसीआर में मानसून के पहुंचने का सामान्य समय 29 से 30 जून होता है। पांच साल से मानसून जुलाई माह के पहले या दूसरे सप्ताह में ही सोनीपत पहुंचता था। ऐसे में जून माह में लोगों को भीषण गर्मी व उमस का सामना करना पड़ता था। इस बार भी लोग कई दिनों से भीषण गर्मी का सामना कर रहे थे। जिले में अधिकतम तापमान 42 डिग्री को पार कर गया था। वहीं न्यूनतम तापमान भी 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास ही बना हुआ था। जिससे लोगों को भीषण गर्मी के साथ ही उमस का भी सामना करना पड़ रहा था। वीरवार को दिन भर जारी रही बारिश ने लोगों को गर्मी व उमस से बड़ी राहत दिलाई है। वीरवार को जिले का अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
राई में सबसे अधिक तो सोनीपत ब्लॉक में हुई सबसे कम बारिश
वीरवार की सुबह वातावरण काले बादलों से घिरा हुआ था। सुबह 6 बजते ही बारिश का सिलसिला शुरू हो गया। जिले में सबसे अधिक बारिश राई ब्लॉक में दर्ज की गई। यहां दिन भर में 128 एमएम बारिश दर्ज की गई। वहीं सबसे कम बारिश सोनीपत शहर में 46 एमएम बारिश दर्ज की गई।
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पानी निकासी के दावों की खुली पोल
मानसून की पहली ही बारिश ने नगर निगम के पानी निकासी के सभी दावों की पोल खोल दी है। सरकार ने मानसून से पहले पानी निकासी की व्यवस्था को दुरुस्त करने के निर्देश जारी किए थे। ड्रेनों की सफाई से लेकर शहरों में नालों व सीवरेज लाइन की सफाई पर अभियान चलाया गया। पानी निकासी व्यवस्था बेहतर करने का दावा किया जा रहा था, लेकिन मानसून की पहली ही बारिश में सभी दावे धरे रह गए। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक सड़कें जलमग्न नजर आई। जिस कारण वाहन चालकों व शहर वासियों को परेशानियां झेलनी पड़ी। शहर में सारंग रोड अंडर ब्रिज के नीचे पानी जमा हो गया, जिससे रेलवे लाइन पार करना लोगों के लिए परेशानी का सबस बना रहा। गीता भवन चौक सहित अन्य चौकों पर भी जल भराव के कारण कई वाहन बंद पड़ गए। जिन्हें निकालने के लिए चालकों को मशक्कत करनी पड़ी।
धान रोपाई ने पकड़ी रफ्तार
धान रोपाई के लिए मानसून का इंतजार कर रहे किसानों को बारिश ने बड़ी राहत दी है। मौसम के बदले मिजाज को देखते हुए किसानों ने धान रोपाई का कार्य तेज कर दिया है। किसान बारिश के बीच खेत तैयार करते दिखाई दिए। भीषण गर्मी व बारिश न होने के कारण किसान अब तक धान की रोपाई के कार्य को टालते आ रहे थे। वीरवार को मानसून की दस्तक के साथ ही जहां धान रोपाई का कार्य तेज हो गया है, वहीं ज्वार, कपास व अन्य फसलों के लिए बारिश लाभकारी रही है।
भाजपा नेता राजीव जैन ने लिया शहर में जलभराव की स्थिति का जायजा
भाजपा नेता राजीव जैन ने बारिश के चलते शहर में जलभराव की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने सफाई निरीक्षक सत्येंद्र दहिया को साथ लेकर सेक्टर-14 व सेक्टर-14 मार्केट, गांधी चौक, हेम नगर, गीता भवन चौक, गोहाना रोड, ककरोई रोड, खन्ना रोड, सूरी पैट्रोल पंप वाली गली, ओल्ड रोहतक रोड, कालूपुर चुंगी, रोहतक रोड फ्लाईओवर, आईटीआई चौक व ओल्ड डीसी रोड का जायजा लिया। विभिन्न स्थानों पर जलभराव होने पर अधिकारियों को निकासी के पुख्ता प्रबंध करने के निर्देश दिए। राजीव जैन ने कहा कि दो माह पूर्व ही उन्होंने नगर निगम को सीवरों-नालों की सफाई के लिए लिखा था, लेकिन समय पर सफाई नहीं हो सकी। जिस कारण अब विभिन्न क्षेत्रों में जल भराव की स्थिति पैदा हो गई है। निगम पहले सफाई कर्मचारियों के सहारे सीवर-नालों की सफाई के लिए प्रयासरत रहा, जिसमें सफलता नहीं मिलने के बाद अब करीब एक सप्ताह पूर्व ही निगम ने नालों की सफाई का वर्क ऑर्डर दिया है। जबकि अब मानसून सिर पर आ चुका है। एक पहली बारिश से ही नगर में विभिन्न स्थानों पर जल भराव की समस्या उत्पन्न हो गई है। राजीव जैन ने कहा कि अधिकारी छोटी मोटरों से पानी निकासी की व्यवस्था करें।
कहां कितनी हुई बारिश
ब्लॉक सुबह 8 बजे तक शाम 5 बजे तक कुल बारिश
सोनीपत 05 एमएम 41 एमएम 46 एमएम
गन्नौर 12 एमएम 43 एमएम 55 एमएम
गोहाना 24 एमएम 99 एमएम 123 एमएम
खरखौदा 02 एमएम 86 एमएम 88 एमएम
खानपुर कलां 16 एमएम 42 एमएम 58 एमएम
राई 02 एमएम 126 एमएम 128 एमएम
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गन्नौर में आफत बनी बारिश, सड़कों व गलियां हुई जलमग्न
फोटो 24- बदशाही रोड पर बारिश के बाद उखड़ी पड़ी मेस्टिक लेयर।
गन्नौर। क्षेत्र में हुई रिकॉर्ड बारिश के कारण शहर की सभी सड़कों पर पानी भर गया। इससे राहगीर पानी के बीच से गुजरने को मजबूर रहे। इस दौरान जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यालय का परिसर पूरी तरह जलमग्न रहा। बारिश से बादशाही रोड, रेलवे रोड, नपा पर पानी भरा रहा, जिससे लोगों का पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया। बारिश में बादशाही रोड पर बिछाई गई मेस्टिक लेयर उखड़ गई।
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बिजली गिरने से दो घरों में आईं दरारें, चौपाल की गिरी दीवार
गोहाना। क्षेत्र में 123 एमएम बारिश दर्ज की गई। बारिश से सड़कें व गलियां तालाब बनी रही। उधर बारिश से किसान खुश नजर आए। किसानों ने धान की रोपाई तेज कर दी है। बारिश से सोनीपत रोड, सिविल रोड, बरोदा रोड, जींद रोड, पार्क रोड पर जलभराव होने से लोगों को परेशानी हुई। कॉलोनियों की गलियों में भी ऐसी ही स्थित नजर आई। उधर गांव खानपुर कलां में वर्षा में ग्रामीण अमित का दो मंजिला और राहुल का एक मंजिला घर क्षतिग्रस्त हो गया। दोनों घरों में बड़ी दरारें आ गईं। इससे मकान का अगला और पिछला हिस्सा अलग-अलग हो गया। अमित का कहना है कि उसके मकान पर बिजली गिरने से ऐसा हुआ है।वहीं, बारिश से चौपाल की दीवार भी गिर गई।
वर्जन
जिले में मानसून के सक्रिय होने से दिन भर अच्छी बारिश हुई। सप्ताह के अंत तक बारिश का दौर जारी रहने के आसार बने हुए हैं। जिससे तापमान में बड़ी गिरावट आएगी। दिन भर बारिश होने से भीषण गर्मी का सामना कर रहे लोगोें को राहत मिली है।
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-प्रो. चंद्रमोहन, मौसम विशेषज्ञ

राई जीटी रोड पर पानी से भरी सड़क पर बंद गाड़ी को धक्का लगाते युवक। संवाद- फोटो : Sonipat

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