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जिले में डेंगू के 56 नए मरीज मिले, आंकड़ा 394 पहुंचा

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उप सिविल सर्जन डॉ. अनविता कौशिक को ज्ञापन सौंपते पूर्व जिला पार्षद संजय बड़वासनियां व अन्य। संवा? - फोटो : Sonipat
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सोनीपत। जिले में डेंगू के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। डेंगू पर नियंत्रण करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी लाचार नजर आ रहे है। जिले में सोमवार को डेंगू के 56 नए मरीज मिले हैं। जिला अस्पताल व खानपुर कलां स्थित बीपीएस महिला मेडिकल कॉलेज की लैब से रिपोर्ट मिलने के बाद मरीजों का आंकड़ा 394 तक पहुंच गया है। ग्रामीण क्षेत्र में सबसे ज्यादा बुरे हालात हैं। अब तक यहां डेंगू के 264 मरीज मिल चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से डोर-टू-डोर सर्वे करने का दावा किया जा रहा है, उसके बावजूद लगातार बढ़ रहे डेंगू के मामलों को नियंत्रण करने के लिए कोई कदम नहीं उठाए जा रहे।
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सामान्य बुखार के साथ डेंगू का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। सरकारी व निजी अस्पतालों में बुखार के मरीजों की भीड़ लग रही है। जिले में सोमवार को डेंगू के 56 नए मरीज मिले हैं, जिससे आंकड़ा बढ़कर 394 तक पहुंच गया है। जिला अस्पताल के मेडिकल वार्ड में बुखार के 44 मरीज भर्ती है। वहीं डेंगू वार्ड में 24 मरीजों का उपचार चल रहा है। इसके साथ ही डेंगू के सात मरीजों के ठीक होने पर छुट्टी दे दी गई है। वहीं सामान्य बुखार के 12 मरीजों को छुट्टी मिली है। डेंगू के प्रकोप के बीच स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी व कर्मचारी डोर-टू-डोर सर्वे कर ब्लड सैंपल ले रहे।
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जिला अस्पताल में पैरासिटामोल खत्म
जिला अस्पताल में रोजाना बुखार से करीब 800 मरीज आ रहे हैं। ओपीडी में चिकित्सक बुखार पीड़ित मरीजों की पर्ची पर 500 एमजी की पीसीएम (पैरासिटामोल) लिख रहे हैं। लेकिन उसके स्थान पर 50 एमजी के डीपीसीएम (डिक्लोफैनिक पैरासिटामोल) मिल रही है। अस्पताल में बुखार में दी जाने वाली दवाई पैरासिटामाल खत्म है। अधिकारियों का कहना है कि पीसीएम रोहतक के गोदाम में भी खत्म है। उसके स्थान पर मरीजों को डी-पीसीएम उपलब्ध कराई जा रही है। डी-पीसीएम बुखार के मरीजों के लिए बेहतर दवा है।
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ग्रामीण क्षेत्र में सबसे ज्यादा डेंगू के मरीज
ग्रामीण क्षेत्र में अब तक डेंगू के 264 मरीज मिल चुके हैं। इनमें कुमासपुर, चौहान जोशी, खेवड़ा, बड़ौली, बसौदी, रामनगर, जुआं, करेवड़ी गांव को संवेदनशील घोषित किया गया है। गांवों में फॉगिंग नहीं हो पाई है।
पूर्व जिला पार्षद ने सिविल सर्जन कार्यालय पर लोगों संग दिया धरना
जिला अस्पताल में पैरासिटामोल की दवा खत्म होने व फॉगिंग न होने के विरोध में पूर्व पार्षद संजय बड़वासनियां के नेतृत्व में कई गांवों के लोगों ने प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया और सिविल सर्जन कार्यालय पर धरना दिया। उन्होंने कहा कि प्रशासन जल्द से जल्द फॉगिंग की व्यवस्था करें। फॉगिंग नहीं होने के कारण बारिश का पानी में मच्छर लगातार पनप रहे हैं। जिसके कारण ग्रामीण लगातार बुखार की चपेट में आ रहे हैं। इस दौरान जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. अनविता कौशिक ने मांगपत्र लेकर जल्द व्यवस्था सुधरने का आश्वासन दिया। धरने पर मोनू, प्रदीप, नवनीत बोस, राहुल, प्रिंस, अंकित, राजबीर, राजेश, योगेश, जसबीर समेत अन्य उपस्थित रहे।
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बकरी के दूध का रेट पहुंचा 400-500 रुपये
डेंगू का प्रकोप बढने से नारियल पानी व बकरी के दूध उपयोगी साबित होते है। ऐसे में डिमांड बढने पर लोग इनकी रेट बढ़ा देते हैं। मौजूदा समय में बेकाबू हुए डेंगू को देखते हुए बकरी के दूध की रेट इस दिनों 400 से 500 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से बेचा जा रहा है। ऐसे में मरीजों के तीमारदारों को बकरी का दूध मजबूरन खरीदना पड़ रहा है। लोगों को बकरी का दूध लेने के लिए अपनी जेब ढीली करनी पड़ रही है।
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शहरी क्षेत्र में ये हैं संवेदनशील इलाके
शहरी क्षेत्र में भी लगातार डेंगू के मरीज मिल रहे है। शहरी क्षेत्र में अब तक डेंगू के 130 मरीज मिल चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सेक्टर-14, दहिया कॉलोनी, आर्य नगर, वेस्ट रामनगर, विकास नगर, पटेल नगर, शास्त्री कॉलोनी, इंदिरा कॉलोनी, बाबा कॉलोनी को संवेदनशील घोषित किया जा चुका है।
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डेंगू की रोकथाम को लेकर गन्नौर शहर में फॉगिंग कराई जा रही
गन्नौर। डेंगू की रोकथाम को लेकर नगर पालिका द्वारा शहर के वार्डों में फोगिंग करवाई जा रही है। फोगिंग के साथ ही पालिका कर्मी शहर में खाली स्थानों पर जमा पानी को भी साफ कर रहे हैं, ताकि मच्छर न पनप सके। नगरपालिका सचिव प्रदीप खर्ब ने बताया कि डेंगू व मलेरिया जैसी खतरनाक बीमारियों के जिम्मेदार मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए सभी 17 वार्डों में दोबारा फॉगिंग कराई जाएगी। अब तक 10 वार्डों में फॉगिंग का काम पूरा हो चुका है।
वर्जन
जिले में सोमवार को डेंगू के 56 नए मरीज मिलने के साथ 394 तक आंकड़ा पहुंच गया है। अस्पताल में पैरासिटामोल खत्म होने व गांव में फॉगिंग नहीं होने को लेकर लोगों ने उन्हें ज्ञापन सौंपा है। डेंगू नियंत्रण के लिए विभाग की ओर से मॉनीटरिंग कराई जा रही है।
- डॉ. अनविता कौशिक, जिला मलेरिया अधिकारी
वर्जन
अस्पताल में पैरासिटामोल खत्म है। उसके स्थान पर मरीजों को डी-पैरासिटामोल दी जा रही है। रोहतक वेयरहाउस में भी पैरासिटामोल नहीं है। जिला अस्पताल के मेडिकल वार्ड में बुखार के 44 मरीज भर्ती है। वहीं डेंगू वार्ड में 24 मरीजों का उपचार चल रहा है।
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- डॉ. संदीप लठवाल, उप चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल
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