किसान आंदोलन स्थगित होने के बाद शनिवार को किसान घरों को वापसी करेंगे। ऐसे में किसानों को जाम से बचाने के लिए पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। हाईवे पर 500 पुलिसकर्मियों और 120 आरएएफ के जवानों को तैनात किया गया है। पानीपत की ओर से आने वाले वाहनों का रूट डायवर्ट किया गया है। वाहनों को जीरो प्वाइंट से पहले ही केजीपी के लिए मोड़ दिया जाएगा। प्रमुख चौराहों पर बाहरी वाहनों को पुलिस की निगरानी में ही पास कराया जाएगा।
पुलिस अधिकारियों ने शुक्रवार दोपहर को बैठक कर किसानों की वापसी के दौरान व्यवस्था बनाए रखने की तैयारियों को अंतिम रूप दिया। इसके लिए एक कंपनी आरएएफ की जीटी रोड पर लगाई जाएगी। उसके साथ ही चार कंपनी पुलिस की जीटी रोड पर तैनात रहेगी। इस तरह 500 पुलिसकर्मी और 120 आरएएफ के जवान व्यवस्था संभालेंगे। पुलिस का प्रयास है कि ज्यादातर प्रदर्शनकारी एक साथ ही वापस हो जाएं। सामान ले जाने वाले वाहन बेशक बाद में निकाले जाएं।
प्रदर्शनकारियों ने 11 दिसंबर को वापसी का एलान किया है। उनके वाहनों की संख्या काफी ज्यादा है। उनकी सकुशल वापसी के लिए जरूरत के अनुसार सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। इनमें 500 पुलिसकर्मी और एक कंपनी आरएएफ की रहेगी। डीएसपी स्तर के अधिकारियों की देखरेख में पूरी व्यवस्था रहेगी। -वीरेंद्र सिंह, डीएसपी, सोनीपत
किसान आंदोलन समाप्त होने के बाद पंजाब के लिए किसान समूहों की वापसी के मद्देनजर हरियाणा पुलिस ने राज्य में राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुगम यातायात के लिए व्यापक प्रबंध किए हैं। दिल्ली से अंबाला, बहादुरगढ़ के बीच हिसार, जींद की ओर सभी जिलों में यातायात के सुचारु प्रवाह के लिए जिला पुलिस अधीक्षकों को उचित यातायात, सुरक्षा और कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
कुंडली और टिकरी बार्डर से किसान (सोनीपत, पानीपत, करनाल, कुरुक्षेत्र, अंबाला, झज्जर, रोहतक, जींद, हांसी, हिसार, फतेहाबाद और सिरसा जिलों से गुजरते हुए) पंजाब के विभिन्न गंतव्यों पर समूहों में वापस जाएंगे। इससे एक बार काफिला बन जाएगा। इसे ध्यान में रखते हुए यातायात की सामान्य आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने अनेक व्यवस्थाएं की हैं। नागरिकों को सूचित किया जा रहा है कि वे किसी भी असुविधा से बचने के लिए इन जिलों में राजमार्गों पर अपनी यात्रा की योजना में समय रहते संशोधन कर लें।