राई औद्योगिक क्षेत्र स्थित अनंतराज ग्रुप के बाहर मौजूद नगर निगम के अधिकारी
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सोनीपत। नगर निगम की ओर से 15 लाख रुपये से ज्यादा प्रॉपर्टी टैक्स जमा नहीं कराने वालों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया गया है। नगर निगम की टीम ने वीरवार को दीवान पैलेस, जुरासिक पार्क, अनंतराज ग्रुप व धर्मवती स्कूल की प्रॉपर्टी सील कर दी है। जुरासिक पार्क में गर्मी के दिनों में रोजाना लाखों रुपये की कमाई होती है, उसके बाद भी कई सालों से निगम कार्यालय में प्रॉपर्टी टैक्स जमा नहीं कराया जा रहा था। 18 दिन पहले नगर निगम की ओर से 15 लाख रुपये से ज्यादा प्रॉपर्टी टैक्स जमा नहीं कराने वाले 100 से ज्यादा बकायदारों की सूची जारी की गई थी। उसके बावजूद प्रॉपर्टी मालिकों ने टैक्स भरने में कोई कदम नहीं उठाया।
नगर निगम ने चालू वित्त वर्ष में 20 करोड़ रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स वसूलने का लक्ष्य निर्धारित कर रखा है। अभी तक नगर निगम कार्यालय में करीब 9 करोड़ रुपये ही जमा हो पाया है। शहरी स्थानीय निकाय विभाग की ओर से 31 जनवरी तक शहर के लोगों को अपने बकाया प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवाने पर ब्याज की छूट दी जा रही है। नगर निगम के अफसरों ने 29 दिसंबर को 15 लाख रुपये से ज्यादा प्रॉपर्टी टैक्स जमा नहीं करने वाले 100 से ज्यादा बकायेदारों की सूची जारी की थी। उसके बाद भी प्रॉपर्टी मालिक नगर निगम कार्यालय में टैक्स भरने नहीं पहुंचे। ऐसे में नगर निगम आयुक्त अशोक बंसल के आदेश पर टीम ने वीरवार को कार्रवाई करते हुए चार प्रॉपर्टियों को सील कर दिया।
नगर निगम के संयुक्त आयुक्त शंभू राठी ने बताया कि नगर निगम को प्रॉपर्टी टैक्स जमा नहीं करवाने पर 14 करोड़ 41 हजार 611 रुपये दबाकर बैठे राई औद्योगिक क्षेत्र स्थित अनंतराज ग्रुप का भवन को सील कर दिया गया। इसके साथ ही 1 करोड़ 34 लाख 10 हजार 635 रुपये प्रॉपर्टी टैक्स जमा नहीं कराने पर धर्मवती स्कूल की भवन को सील किया। मुरथल जीटी रोड स्थित जुरासिक पार्क जिस पर 61 लाख 85 हजार 778 रुपये प्रॉपर्टी टैक्स बकाया था को सील किया गया। वहीं 54 लाख 30 हजार 934 रुपये प्रॉपर्टी टैक्स जमा नहीं कराने पर दीवान पैलेस को सील किया गया। जब तक टैक्स की राशि नहीं भरी जाएगी, तब तक भवनों पर सील लगी रहेगी।
बेवसाइट पर जांच सकते हैं अपना प्रॉपर्टी टैक्स : आयुक्त
आयुक्त अशोक कुमार बंसल ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र में रहने वाला कोई भी व्यक्ति नगर निगम सोनीपत की बेवसाइट पर जाकर अपने घर के बाहर लगी प्रापर्टी आईडी डालकर अपना प्रॉपर्टी टैक्स की जांच कर सकता है। इससे उपभोक्ता को उसका प्रॉपर्टी टैक्स जमा है या नहीं, कितना बकाया है, ब्याज माफी योजना के तहत उसे कितना फायदा होगा यह सब देख सकता है। ऑनलाइन प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान करने वालों को एक प्रतिशत की छूट भी प्रदान की जाती है। उन्होंने बताया कि नगर निगम क्षेत्र में 15 लाख रुपये से ज्यादा के प्रॉपर्टी टैक्स बकायदारों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। अगर बकायेदार 31 जनवरी तक ब्याजमाफी योजना का लाभ उठाकर अपना प्रॉपर्टी टैक्स जमा करा सकते हैं। शहर के लोग चालू वित्त वर्ष का बकाया प्रॉपर्टी टैक्स 10 प्रतिशत छूट के साथ जमा करवा सकते हैं।