सोनीपत। कैंसर पीड़ितों का बीमा कराकर मौत के बाद उसे हादसा दिखाकर क्लेम लेने का प्रयास करने के आरोपी को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी करनाल के गांव फफड़ाना का रहने वाला अजय है। आरोपी ने अपनेे कैंसर पीड़ित पिता के आठ बीमे कराए थे। हालांकि क्लेम पास होने के बाद जब गिरोह का भंडाफोड़ हुआ तो आरोपी ने क्लेम लेने से पहले ही अपना व अपनी मां का बैंक खाता बंद करा दिया था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
विदित रहे कि एसटीएफ की सोनीपत इकाई ने 19 अप्रैल, 2019 को एक गिरोह के सरगना समेत तीन सदस्यों को पकड़ा था। उन पर आरोप था कि वह कैंसर मरीजों की मौत के बाद उनके शव को दूसरी जगह ले जाकर गाड़ी से कुचलकर सड़क दुर्घटना का रूप दे देते थे और बीमा कंपनियों से मोटी रकम ऐंठते थे। गिरोह के सरगना गांव सेवली निवासी पवन, रिंढाना निवासी मोहित व गुमाना निवासी विकास से पूछताछ में कई तथ्य सामने आए थे। बाद में पुलिस ने बल्ला गांव के सुमित, प्रदीप व प्रमोद को पकड़ा था। रिमांड अवधि के दौरान उनसे 3.50 लाख रुपये व मामले से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए थे। उसके बाद में एसटीएफ मामले में बारोटा चौकी में नियुक्त हवलदार अशोक, कैंसर पीड़ित पत्नी की मौत के बाद उसका क्लेम ले चुके आरोपी बेरी गांव निवासी चांद, हिसार के गांव धर्मखेड़ी फिलहाल रोहतक के सेक्टर-2 का रहने वाला पदम, धर्मखेड़ी का रहने वाला नरेश व लिवासपुर का रहने वाला जोनी सरोहा, हिसार सदर थाना में तैनात रहे एचसी रमेश व उग्रा खेडी के राकेश सहित हिसार व सोनीपत के तीन चिकित्सक डॉ. अबुंज जैन, डॉ. गौरव शर्मा व डॉ. प्रकाश झा व गांव धनाना निवासी जगदीश, बहादुरगढ़ के सामान्य अस्पताल के चिकित्सक वार्ड नंबर-8 हुडा पार्क कलानौर रोहतक निवासी डॉ.धर्मबीर व सौदापुर जाटल रोड पानीपत के रिंकू व गांव आटा के रहने वाले बलिंद्र को गिरफ्तार किया था।
अब मामले में एसटीएफ डीएसपी कुलभूषण ने आरोपी अजय को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पिता के करवाए थे आठ बीमा
एसटीएफ ने बताया कि आरोपी अजय ने कहा कि उसने अपने कैंसर पीड़ित पिता अनूप के आठ बीमे कराए थे। इसके लिए उसने क्लेम लेने के लिए अपनी मां व अपने दो-दो बैंक खाते भी खुलवा रखे थे। हालांकि जब उनके क्लेम की राशि पास हुई तो उन्होंने अपने बैंक खाते बंद करा दिए। जिस पर क्लेम डालने वाली कंपनी को जब खाते बंद मिले तो शक हो गया था। बाद में उसकी जांच करने पर पता लगा कि आरोपी ने भी कैंसर पीड़ित पिता के बीमे कराए थे। जिस पर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
--
गिरफ्तार आरोपी ने कैंसर पीड़ित पिता के आठ बीमे करा रखे थे। मौत के बाद हादसा दिखाकर बाद में क्लेम भी पास करा लिया था। हालांकि क्लेम की राशि खाते में आने से पहले ही गिरोह का पर्दाफाश हो गया था। जिस पर आरोपी ने अपने खाते बंद करा दिए थे। जिसकी जांच में खुलासा हो गया था। आरोपी को गिरफ्तार कर उसे जेल भेज दिया गया है।
-सतीश देशवाल, प्रभारी, एसटीएफ ईकाई सोनीपत।