फोटो: 01 : सोनीपत के गांव गढ़ी बख्तावरपुर क्षेत्र में यमुना नदी में घटता पानी। संवाद
मुरथल । यमुना नदी का जलस्तर अब कम हो रहा है लेकिन नुकसान की तस्वीर सामने आने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। इस बार यमुना ने किसानों की 20 फीट तक जमीन का कटाव किया है।
किसानों का कहना है कि यदि ठोकर बनाए गए होते तो इतना नुकसान नहीं होता। यमुना के किनारे के सात गांवों में एक जैसी स्थिति है। नुकसान का आकलन सामने नहीं आया है।
यमुना का जलस्तर कुछ कम होने पर गांव गढ़ी बख्तावरपुर के किसानों को अपनी फसलों का नुकसान दिखाई दे रहा है। नदी के किनारे 20 फीट तक भूमि का कटाव हुआ है। इससे किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचने के साथ जमीन भी हाथ से निकल गई है।
किसानों का कहना है कि प्रशासन की लापरवाही के कारण लगभग 35 साल से ठोकर नहीं बनाया जा रहा है। इससे हर साल बारिश के मौसम में यमुना नदी भूमि का कटाव करती है। उन्होंने जिला प्रशासन से मुआवजा दिलाने की मांग की है। किसानों ने कहा कि पानी कम होने से खतरा भले ही टल गया है मगर यमुना नदी के जलस्तर पर निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन को ठोकर बनाने की योजना तैयार करनी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की समस्या न आए।
फोटो: 01 : सोनीपत के गांव गढ़ी बख्तावरपुर क्षेत्र में यमुना नदी में घटता पानी। संवाद
फोटो: 01 : सोनीपत के गांव गढ़ी बख्तावरपुर क्षेत्र में यमुना नदी में घटता पानी। संवाद
फोटो: 01 : सोनीपत के गांव गढ़ी बख्तावरपुर क्षेत्र में यमुना नदी में घटता पानी। संवाद