अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरुचि अतरेजा सिंह की अदालत ने सात साल की बच्ची से दुष्कर्म का प्रयास करने के आरोपी को दोषी करार दिया है। दोषी को अदालत ने 10 साल की कैद व 35 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर आठ माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
राई थाना क्षेत्र के गांव की महिला ने 28 जुलाई 2019 को पुलिस को बताया था कि उसकी सात साल की बेटी गली में खेल रही थी। इसी दौरान गांव का सतीश उसकी बच्ची को बहकाकर खेतों की तरफ ले गया था। आरोपी ने वहां बच्ची के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया था। इसी दौरान परिवार के सदस्य व ग्रामीण बच्ची को तलाश करते हुए खेत में पहुंच गए थे। बच्ची के चिल्लाने पर उसकी आवाज सुनकर ग्रामीण एकत्रित हुए तो आरोपी वहां से भागने लगा था। जिस पर लोगों ने पकड़कर उसकी पिटाई कर दी थी। बाद में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां से आरोपी फरार हो गया था। महिला के बयान पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म के प्रयास का मुकदमा दर्ज कर लिया था। बाद में आरोपी को 20 अगस्त, 2019 गिरफ्तार कर लिया था।
मामले में एएसजे सुरुचि अतरेजा सिंह की अदालत ने सतीश को दोषी करार दिया है। बुधवार को अदालत ने दोषी को 18 पॉक्सो एक्ट में 10 साल कैद व 25 हजार रुपये जुर्माना और भादंसं की धारा 363 में सात साल कैद व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी।