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घी व्यापारी को गोली मारकर लूटपाट करने के तीन दोषियों को 10-10 साल की कैद

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सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. संजीव आर्य की अदालत ने गन्नौर में घी व्यापारी से लूटपाट करने के मामले में सुनवाई करते हुए तीन आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषियों को 10-10 साल कैद व जुर्माने की सजा सुनाई है। मामले में एक आरोपी को बरी कर दिया गया।
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सोनीपत के सेक्टर-12 निवासी पुनीत मदान ने 16 अक्तूबर, 2018 को पुलिस को बताया था कि वह गन्नौर में रेलवे रोड पर घी की दुकान चलाता है। वह थोक में घी का व्यापार करते हैं। घटना की देर रात वह दुकान पर थे। इसी दौरान तीन युवक आए थे। उन्होंने दुकान पर आते ही उसे पिस्तौल दिखाकर बैग देते हुए उसे नकदी से भरने को कहा था। उसने जब विरोध किया तो एक युवक ने उसका मोबाइल छीन लिया था। साथ ही पिस्तौल का बट उसके सिर में मारकर घायल कर दिया था। इतना ही नहीं उन्होंने उसके पास काम करने वाले अजय का मोबाइल भी छीन लिया था। बाद वह नकदी की मांग करने लगे थे। विरोध करने पर एक हमलावर ने पुनीत को गोली मार दी थी।
मामले में 13 नवंबर, 2018 को तत्कालीन सीआईए-2 प्रभारी अजय धनखड़ व तत्कालीन गन्नौर थाना प्रभारी कुलदीप सिंह की टीमों ने गांव कुमासपुर फिलहाल खेड़ी रोड गन्नौर निवासी दीपक, समसपुर गामड़ा निवासी अभिषेक उर्फ विशु व कैलाना निवासी अमित उर्फ गोलू व रोहतक निवासी संदीप को पकड़ा था।
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मामले में सुनवाई के बाद वीरवार को एएसजे डॉ. संजीव आर्य की अदालत ने दीपक, अभिषेक व अमित को दोषी करार दिया है। संदीप को सुबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया। अदालत ने अमित उर्फ गोलू व दीपक को भादंसं की धारा 379बी में 10 साल की कैद व 25 हजार रुपये जुर्माना, 307 में 10 साल की कैद व एक हजार रुपये जुर्माना तथा आर्म्स एक्ट में पांच साल कैद व एक हजार रुपये जुर्माना तथा अभिषेक को भादंसं की धारा 379बी में 10 साल की कैद व 25 हजार रुपये जुर्माना, 307 में 10 साल की कैद व एक हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर 13 माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
दीपक ने रची थी पूरी साजिश
मामले में दोषी करार दिए गए दीपक ने गिरफ्तारी के समय पुलिस को बताया था कि उसने ही पूरे मामले की साजिश साथियों के साथ मिलकर रची थी। दीपक ने बताया था कि पुनीत मदान की दुकान के पास जलेबी की रेहड़ी लगाता था। उसे पता था कि पुनीत मदान का रोज लाखों का लेनदेन होता है। उसने तीन साथियों के साथ मिलकर लूट की साजिश रची थी।
घटना के बाद तूल पकड़ गया था मामला
व्यापारी पर जानलेवा हमला कर लूटपाट का मामला काफी चर्चित हो गया था। इसे लेकर व्यापारियों ने रोष प्रदर्शन कर शहर को बंद करने की चेतावनी भी दे डाली थी। घटना के 28 दिन बाद आरोपी पकड़े गए थे।
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