रोहतक में तनाव बढ़ गया है। संत रामपाल के अनुयायियों ने सतलोक आश्रम खाली कराने से इनकार कर दिया है। प्रशासन ने भी सख्ती बरतते हुए मौके पर जेसीबी मशीन और एंबुलेंस बुला ली है।
आशंका जताई जा रही है कि प्रशासन आश्रम के भीतर से लोगों को निकालने के लिए आश्रम का गेट तोड़ सकता है।
वहीं, करौंथा में रविवार को हिंसा के दौरान गोली लगने से मारी गईं महिला के भाई सत्यनारायण के बयान पर पुलिस ने संत रामपाल को नामजद करते हुए हत्या व साजिश रचने सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया।
सत्यनारायण ने पुलिस को बताया कि वह अपनी बहन और जीजा के साथ खेत में जा रहा था, तभी आश्रम की तरफ से चलाई गई गोली उसकी बहन के गर्दन में लगी, जिससे उसकी मौत हो गई।
इस बीच, करौंथा हिंसा के बाद हालात पर काबू में लाने के लिए जिला प्रशासन ने सीआरपीएफ की चार और कंपनियां बुलाई हैं।
ग्रामीणों ने साफ कहा है कि जब तक आश्रम खाली नहीं होगा तब तक वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। शव को बर्फ में लगा दिया गया है।
पुलिस प्रवक्ता वेद सिंह नैन ने बताया कि इस संबंध में पुलिस ने मृतका के भाई सत्यनारायण के बयान पर सतलोक आश्रम के संत रामपाल व उनके अनुयायियों के खिलाफ हत्या, शस्त्र अधिनियम व साजिश रचने के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
उधर, पीजीआई के पोस्टमार्टम हाउस के बाहर आर्यसमाजियों ने जमकर बवाल किया और आचार्य बलदेव को रिहा करने की मांग की।
आर्यसमाजियों का कहना था कि जब तक आचार्य बलदेव रिहा नहीं होते तब तक शवों का पोस्टमार्टम भी नहीं होने देंगे। मृतकों के परिजनों द्वारा बीचबचाव करने पर आर्यसमाजी शांत हुई।
इसके बाद प्रमिला व संदीप के शवों का पोस्टमार्टम हो पाया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में प्रमिला और संदीप की गोली लगने से मौत का खुलासा हुआ है।
उदयवीर के शव का पोस्टमार्टम बाकी है। डीजीपी ने सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद कर दी हैं। अन्य जिलों की फोर्स को भी अलर्ट कर दिया गया है।
शहादत का उद्देश्य पूरा हो : रामदेव
बाबा रामदेव ने कहा है कि करौंथा आश्रम को लेकर जो हिंसा हुई है, उसमें जिस उद्देश्य के लिए तीन शहादत दी गईं, वह हर हाल में पूरा होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि करौंथा आश्रम शुरुआत से ही अनैतिक कार्यों के लिए सुर्खियों में रहा है। उसे तुरंत खाली करा लेना चाहिए। उन्होंने मांग की कि आर्य समाजियों पर दर्ज मुकदमे तुरंत वापस लिए जाएं।
बाबा रामदेव सोमवार रात को मस्तनाथ मठ में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इससे पहले उन्होंने आचार्य बलदेव सहित आर्य समाजियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की और पूरे मामले पर मंथन किया।