संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। गांव बेगू में सोमवार देर रात को 22 वर्षीय युवक गोविंद की तेजधार हथियार से हत्या कर दी गई। गोविंद का पिता मंगलवार सुबह पशुबाड़े में पशुओं को बाहर निकालने के लिए गया तो उसने बेटे को मरा पड़ा देखा और शोर मचाया। शोर सुनकर परिजन व आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। गोविंद की बड़ी ही नृशंस तरीके से हत्या की गई थी। सिर और शरीर के कई अंगों पर वार करने के साथ ही हत्यारों ने उसके हाथों की अंगुलियां भी काट दी थी। हत्या की सूचना मिलने पर पहुंचे डीएसपी अजायब सिंह, सदर थाना सिरसा, साइबर सेल तथा सीआईए टीम ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है और हत्यारों का पता लगाने के लिए पांच टीमों का गठन कर दिया है। इधर, परिजनों का कहना कि उनकी किसी से कोई रंजिश नहीं है। गोविंद रिजर्व रहता था। हालांकि जिस बेरहमी से हत्या की गई, उसे देखकर यह बात हजम करना मुश्किल हो रहा है। फिलहाल पुलिस ने प्रेम प्रसंग, मारपीट समेत विभिन्न पहलुओं पर जांच शुरू कर दी है।
बलविंद्र ने बताया कि उसका पुत्र गोविंद मजदूरी करता था। उसकी अभी शादी भी नहीं हुई थी। सोमवार रात को उससे आखिरी बार बात हुई थी। उससे कहा था कि नये डेरे के पास पानी की दिहाड़ी लगाने के लिए जा रहा हूं, तुम बाड़े में सो जाना। बाड़े में मैं ही सोता था, कल ही उसे बुलाया था। उसके बाद क्या हुआ मुझे कुछ पता नहीं। सुबह सात बजे के करीब घर लौटने के बाद पशुओं को बाड़े से निकालने के लिए अंदर गया तो देखा कि गोविंद म़त पड़ा था। उसके बाद मैंने गाय व बच्छी को बाहर निकाला । दोबारा अंदर जाने का मेरा साहस नहीं हुआ। बलविंद्र ने कहा कि उनकी किसी से कोई रंजिश नहीं है।
मौके पर नहीं मिले मृतक के दोनों मोबाइल, साइबर सेल भी जांच में जुटी
परिजनों के अनुसार गोविंद के पास दो मोबाइल थे। दोनों मोबाइल मौके पर नहीं थी। ऐसे में पुलिस ने मोबाइल लोकेशन, प्रेम प्रसंग, किसी से कहासुनी से लेकर सभी पहलुओं पर जांच शुरू कर दी है। हत्या जिस तरह से की गई, वह बेहद निर्मम है। गोविंद के दोनों हाथों की अंगुलियां काट दी गई। उसके अलावा उसके हाथ पैर व सिर पर कई वार किए गए है। उसकी निर्दयता से हत्या करने के पीछे के कारणों को पुलिस तलाशने में जुटी है। उम्मीद है कि पुलिस जल्द ही आरोपियों तक पहुंच जाएंगी। साइबर सेल की टीम भी विशेष रूप से इस मामले में काम कर रही है।
चार-पांच लोगों के खाने के हिसाब से रोटी लेकर बाड़े में गया था रंजीत
गोविंद की बहन अमनदीप ने बताया कि रात को वह खाना लेकर गया था। हम बाहर से सब्जी- रोटी लेकर आए थे। उसके खाने के हिसाब से रोटी दे दी थी। बाद में उसने खाना कम पड़ने की बात कही तो और छह सात रोटियां बनाकर दी थी। उसने कहा था कि कोई बात हो तो मुझे फोन कर देना, छोटा भाई सो रहा है। उसके बाद देर रात को फोन आया कि तू ठीक है। मैं आ जाऊं। अमनदीप ने उससे कहा कि भाई आजा। उसके साथ कौन लोग थे। उसने कुछ नहीं बताया। उसका किसी से कोई लड़ाई झगड़ा नहीं था। जिस हिसाब से वह रोटी लेकर गया तो उसके साथ चार से पांच लोग जरूर थे। गोविंद के छोटे भाई कर्ण व अन्य लोगों ने बताया कि गोविंद के ज्यादा दोस्त नहीं थे। वह रिजर्व किस्म का था। उसने नौंवी तक पढ़ाई की थी।
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सुलगता सवाल : कौन थे पशुबाड़े में पार्टी करने वाले
गोविंद के साथ रात के समय पार्टी करने वाले लोग कौन थे जिन्होंने उसके साथ खाना भी खाया क्योंकि परिजनों के अनुसार गोविंद के ज्यादा दोस्त नहीं थे।
गोविंद ने जब अधिक खाना मांगा तो किसी को यह शंका क्यों नहीं हुआ कि इतना खाना किसलिए लेकर जा रहा, वह भी तब जब परिवार की नजर में उसकी दोस्ती किसी से नहीं थी।
अगर किसी से पुरानी दुश्मनी नहीं थी तो इतनी नृशंसता से हत्या क्यों की गई। एकाएक झगड़े में हत्या तो हो सकती है पर जिस तरह से हत्या की गई उससे यह बात गले नहीं उतर रही कि गोविंद से किसी ने दुश्मनी नहीं पाल रखी थी।
बहरहाल ये ऐसे सवाल है, जिनके जवाब की तलाश पुलिस ही नहीं, परिजनों को भी है।
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कोट्स
सदर थाना, स्पेशल स्टाफ व सीआईए की टीम मामले की जांच में लगाई गई है। पांच टीमों का गठन किया गया है। हत्यारोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
अजायब सिंह, डीएसपी