संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। जन्म से लेकर 16 वर्ष तक बच्चे को कौन-कौन से टीके कब-कब लगेंगे और किसी समय कितने लग चुके हैं, इसकी जानकारी अब यू विन पोर्टल पर मिलेगी। ऐसे में अब अभिभावकों को कागजों के झंझट से छुटकारा मिलेगा। स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी बच्चों का डाटा यू विन पोर्टल पर अपलोड करने के लिए मुख्यालय को भेज दिया है।
बच्चे के जन्म के बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से टेटनस, बीसीजी, ओपीवी, पेंटावैलेंट सहित कई प्रकार के टीके लगाए जाते हैं। इसके लिए विभाग की ओर से बच्चों को एक कार्ड भी बनाया जाता है। इसमें इंजेक्शन लगने के बाद जानकारी दर्ज की जाती है। ऐसे में दूसरे राज्य में यह प्रक्रिया अलग होती है। इसके चलते बच्चों के अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कार्ड के गुम होने के बाद अभिभावकों को वैक्सीन संबंधित जानकारी नहीं रहती। इसके चलते बच्चों को अगला टीका समय पर नहीं लग पाता। ऐसे में विभाग ने डाटा यू विन पोर्टल पर बच्चों का सभी डाटा अपलोड करने का निर्णय लिया है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी वैक्सीनेशन सेंटरों से डाटा मंगवाने के बाद मुख्यालय को भेज दिया है। जिले में एक लाख सात हजार बच्चे हैं, जिनका डाटा पोर्टल पर अपलोड किया जाना है। जिले में अगर किसी बच्चे को वैक्सीन नहीं लगी, तो विभाग की ओर से उसके अभिभावकों से संपर्क करने के बाद वैक्सीन लगाई जाएगी।
खसरा और रूबेला वैक्सीन से वंचित बच्चों को लगा सकते हैं टीका
बच्चों को खसरा और रूबेला रोग से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से हर वर्ष अभियान चलाकर बच्चों को वैक्सीन लगाई जाती है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से बच्चों को पहली वैक्सीन 9 से 12 माह के अंदर जबकि दूसरी वैक्सीन 14 से 24 माह के अंदर लगाई जाती है। विभाग की ओर से अब तक 95 फीसदी बच्चों को पहली वैक्सीन लगाने का लक्ष्य पूरा कर लिया है, जबकि दूसरी डोज 87 फीसदी बच्चों को दी जा चुकी है। ऐसे में अब विभाग की ओर से शेष रहे बच्चों को वैक्सीन लगाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसके चलते वैक्सीन से वंचित बच्चों को उनके अभिभावक वैक्सीन लगवा सकते हैं।
वर्जन
0 से 16 वर्ष तक के बच्चों को अलग-अलग बीमारियों से बचाने के लिए वैक्सीन लगाई जाती है। जिनका अब वैक्सीनेशन संबंधित पूरा डाटा ऑनलाइन यू विन पोर्टल पर दर्ज किया जा रहा है। जिले के एक लाख 7 हजार बच्चों का डाटा मुख्यालय को भेजा गया है। जिसे ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड किया जाना है। - डॉ. नितिन सोमानी, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी, सिरसा।