जनता अधिकार मोर्चा की ओर से सोमवार को गांव ओढां में लोगों ने पानी के बिल फूंककर रोष जताया। इस दौरान आरपीआई के प्रदेश प्रभारी अजीत सिंह चहल व भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष अमन कुमार भी मौजूद रहे।
विरोध जताते हुए लोगों ने कहा कि वे पानी के बिल बिल्कुल नहीं भरेंगे। जनता अधिकार मोर्चा के राष्ट्रीय प्रभारी करनैल सिंह ओढां ने कहा कि सरकार द्वारा टैक्स के नाम पर लोगों को लूटा जा रहा है। हर रोज नए-नए टैक्स जनता पर थोपे जा रहे हैं। अब तक कभी भी ग्रामीण क्षेत्रों में पानी का बिल नहीं आया, लेकिन अब सरकार द्वारा लोगों को पानी के बिल भेजे गए हैं।
वहीं बिजली के बिलों में विभिन्न टैक्स लगाकर भी लोगों की जेबें काटने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, बिजली व पानी लोगों की मूलभूत सुविधाएं हैं। सरकार द्वारा इन सुविधाओं को कागजों में तो दिया जा रहा है, लेकिन धरातल पर महज औपचारिकता है। उन्होंने कहा कि ओढां में लोगों को 1500 से लेकर 4 हजार रुपये तक के पानी के बिल भेजे गए हैं। दूसरी तरफ लोगों को स्वच्छ पेयजल के नाम पर दूषित पानी पिलाया जा रहा है। लेकिन विभाग द्वारा इस ओर ध्यान न देकर बिल के नाम पर लोगों से पैसे बटोरे जा रहे हैं। सरकार को निजीकरण प्रथा खत्म करनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि कोई भी व्यक्ति पानी का बिल नहीं भरेगा। अगर विभाग उनके कनेक्शन काटता है तो वे उसका विरोध करेंगे। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने उनकी सुनवाई नहीं की तो जनता अधिकार मोर्चा, मिशन एकता पार्टी, भीम आर्मी, आरपीआई व सभी आंबेडकर संगठनों की तरफ से प्रदेश स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
इस मौके पर सुरेंद्र सिंह टोनी, मीत्ता सिंह, काला सिंह कंडारा, राजू सालमखेड़ा, कौर सिंह, देवीलाल, प्यारा सिंह मिठड़ी, गोरा सिंह मौजूद रहे।
सीएचसी में सुविधाओं को लेकर सौंपा मांग पत्र
मोर्चा की ओर से ओढां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी पहुंचकर रोष जताया गया। इस मौके पर जनता अधिकार मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जसविंदर सिंह बब्बू ने कहा कि सीएचसी में लोगों को पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। यहां पर एक्स-रे मशीन कबाड़ बनी पड़ी है। सामान्य मरीजों को भी चिकित्सकों द्वारा रैफर कर दिया जाता है। न तो यहां पर लेबोरेट्री की पर्याप्त सुविधा है और न ही महिला चिकित्सक। ऐसे में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस समस्या को लेकर वे मुख्यमंत्री व संबंधित अधिकारियों को कई बार मांग पत्र दे चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि अगर शीघ्र ही व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो वे सीएचसी में धरना लगा देंगे। इस दौरान उन्होंने स्टाफ को मांग पत्र भी सौंपा।