संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। मिशन बुनियाद के तहत लेवल-3 की परीक्षा वीरवार को शहर के राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में हुई। इसमें बुनियाद लेवल-2 की परीक्षा पास कर चुके 409 विद्यार्थियों ने भाग लिया। अब यह परीक्षा पास करने वाले बच्चों को शिक्षा विभाग की ओर से मुफ्त कोचिंग दी जाएगी।
जिला विज्ञान विशेषज्ञ एवं कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डाॅ. मुकेश कुमार ने बताया कि विकल्प संस्थान से मिशन बुनियाद व सुपर-100 के संस्थापक नवीन मिश्रा, मिशन बुनियाद के प्रोग्राम डायरेक्टर प्रदीप संसलवाल एवं उनकी टीम की मौजूदगी में लेवल-3 की परीक्षा आयोजित की गई। प्रोग्राम के दौरान मिशन बुनियाद के तहत पढ़ाई कर रहे पुराने विद्यार्थियों ने अपने अनुभव सबके साथ साझा किए। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रोग्राम से जुड़ी नवीनतम सुविधाओं व महत्व के बारे में विस्तार पूर्वक बताया।
सुपर-100 प्रोग्राम के तहत गांव मुन्नावाली के छात्र प्रवीण जो अब एक निजी कंपनी में 18 लाख रुपये के सालाना पैकेज के साथ कार्य कर रहे हैं। इनके पिता सौपत राय ने बच्चों को मिशन बुनियाद व सुपर-100 से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।
जिला विज्ञान विशेषज्ञ एवं कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डाॅ. मुकेश कुमार ने बताया कि लेवल-3 की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थी सिरसा के डबवाली, नाथूसरी चोपटा, ऐलनाबाद, सिरसा व ओढां में शिक्षा विभाग द्वारा स्थापित बुनियाद केंद्रों पर पढ़ाई करेंगे।
जीवन में सफलता के लिए अनुशासन और त्याग को अपनाना होगा : नगराधीश
परीक्षा से पूर्व स्कूल में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में सीटीएम यश मलिक ने शिरकत की। कार्यक्रम में ऐलनाबाद बीईओ सुभाष फुटेला, बीईओ सिरसा कृष्ण लाल, बीईओ रानियां सुनीता साईं, बीईओ डबवाली लक्ष्मण दास, बीईओ ओढ़ां विनोद कुमार व बीआरसी सिरसा विजय सचदेवा, बीआरसी ओढां अमन पाल गोदारा, एनएमएमएस नोडल अधिकारी हरीश चावला भी मौजूद रहे। प्रधानाचार्य मदन मलिक व उनकी टीम ने इनका स्वागत किया। इस अवसर पर बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दीं। मुख्य अतिथि यश मलिक ने उपस्थित विद्यार्थियों व अभिभावकों को संबोधित करते हुए बच्चों को जीवन में सही दिशा में संघर्ष करने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। जीवन में सफलता हासिल करने के लिए अनुशासन और त्याग को अपनाना ही होगा।
संस्कारों का निर्माण और कला को प्राप्त करना सबसे महत्वपूर्ण : नवीन मिश्रा
कार्यक्रम के संस्थापक नवीन मिश्रा ने बच्चों व अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि संस्कार के बिना कला नहीं आती, कला से ठहराव आता है और कला व ठहराव से ही संस्कार विकसित होते हैं। इसलिए जीवन में सबसे महत्वपूर्ण है संस्कारों का निर्माण और कला को प्राप्त करना। कला से जीवन की हर चीज संभव हो सकती है। उन्होंने माता-पिता की भूमिका को भी रेखांकित करते हुए कहा कि वे अपने बच्चों के लिए ऐसा वातावरण तैयार करें, जहां उनमें संस्कार विकसित हों, ठहराव आए और कला का जन्म हो। इससे वे केवल इंजीनियर, डॉक्टर या आईएएस अधिकारी ही नहीं, बल्कि एक बेहतर इंसान बन सकें, जो न केवल अपने परिवार और गांव बल्कि पूरे देश को प्रगति की ओर ले जाएगा।
हरियाणा सुपर 100 के पहले बैच के विद्यार्थियों ने प्रतिष्ठित कंपनियों में पाए लाखों के पैकेज : प्रदीप
निदेशक प्रदीप ने बताया कि हरियाणा के सरकारी स्कूलों के छात्र देश की बड़ी-बड़ी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। हरियाणा सुपर 100 के पहले बैच के कई विद्यार्थियों ने प्रतिष्ठित कंपनियों में लाखों के पैकेज हासिल किए हैं। इस वर्ष आईआईटी मेन्स परीक्षा के परिणामों में हरियाणा सुपर 100 के 10 छात्रों ने 99 परसेंट से अधिक अंक प्राप्त किए, और सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्र ने 99.91 प्रतिशत स्कोर किया।