सिरसा।गांव बणी के खेल मैदान में अभ्यास के दौरान मौजूद खिलाड़ी। कोच
सिरसा के गांव बणी ने खेल के मैदान पर ऐसा बदलाव रचा है, जिसकी मिसाल कम ही देखने को मिलती है। कभी नशे और बेरोजगारी की चर्चाओं में घिरा यह गांव आज अपने उम्मीद क्लब की बदौलत देशभर में पहचान बना रहा है। यहां प्रतिदिन सैकड़ों बच्चे और युवा कोचों की लगन और ग्रामीणों के सहयोग से पूरी तरह निशुल्क प्रशिक्षण लेकर राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक अपनी चमक बिखेर रहे हैं।
खेल मैदान सुबह-शाम प्रतिभाओं से गुलजार रहता है, जहां एथलेटिक्स से लेकर कबड्डी, कुश्ती, हॉकी, वॉलीबाल और फुटबाल तक अनेक खेलों में अनुशासन और मेहनत का अनोखा संगम देखने को मिलता है। गांव बणी का खेल मैदान हर सुबह और शाम खिलाड़ियों से गुलजार रहता है। स्कूल जाने से पहले और बाद में बच्चे यहां पहुंचकर कड़ी मेहनत करते हैं। सबसे खास बात यह है कि प्रशिक्षण पूरी तरह निशुल्क दिया जाता है। खिलाड़ियों से कोई शुल्क न लेकर कोच अपने खर्चे पर उन्हें खेल के गुर सिखाते हैं।
एसोसिएशन के जिला प्रधान ने शुरू की मुहिम
युवा क्लब एसोसिएशन जिला प्रधान सुखजीत सिंह बताते हैं कि उन्होंने यह मुहिम इसलिए शुरू की, ताकि गांव के बच्चों को गलत राह पर जाने से रोका जा सके। उनका मानना है कि खेल ही ऐसा माध्यम है जो युवाओं को अनुशासन, मेहनत और आत्मविश्वास सिखाता है। जब बच्चों को अच्छे मार्गदर्शन के साथ सही दिशा दी जाए, तो वे जीवन में कोई भी मुकाम हासिल कर सकते हैं।
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वर्तमान में 400 खिलाड़ी ले रहे प्रशिक्षण
वर्तमान में इस मैदान में 400 से अधिक खिलाड़ी नियमित रूप से अभ्यास करते हैं। इनमें से कई खिलाड़ी राज्यस्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुके हैं, जबकि कुछ राष्ट्रीय कैंप तक चयनित हुए हैं। खिलाड़ी बताते हैं कि पहले उनके पास खेलने के लिए उचित सुविधा नहीं थी, लेकिन अब गांव के इस मैदान ने उन्हें नया हौसला दिया है।