सिरसा। स्कूल से घर लौट रही 10वीं कक्षा की नाबालिग छात्रा का रास्ता रोककर छेड़छाड़ और धमकी देने के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश डॉ. नरेश कुमार सिंघल ने दो युवकों को दोषी करार दिया है। अदालत दोषी सुनील और राजेंद्र की सजा पर फैसला 10 सितंबर को सुनाया जाएगा। बड़ागुढ़ा थाना पुलिस ने जुलाई 2023 में प्राथमिकी दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार किया था।
अदालत में चले अभियोग के अनुसार पुलिस को दी शिकायत में छात्रा ने बताया था कि वह पड़ोसी गांव के स्कूल में पढ़ती है और पैदल घर आती-जाती है। 8 जुलाई 2023 को दोपहर करीब दो बजे वह स्कूल से घर लौट रही थी। रास्ते में गांव के सुनील और राजेंद्र खड़े थे।
शिकायत के अनुसार सुनील ने उसका रास्ता रोककर हाथ पकड़ लिया और दोस्ती करने के साथ मोबाइल नंबर मांगा। राजेंद्र ने नंबर नहीं देने पर मारने की धमकी दी। दोनों ने घटना किसी को बताने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दी। छात्रा के शोर मचाने पर दोनों युवक भाग गए। घर पहुंचकर उसने मां को घटना बताई। परिवार ने सामाजिक बदनामी के डर से तत्काल पुलिस में शिकायत नहीं दी।
12 जुलाई को दोनों आरोपियों ने पीड़िता के घर पहुंचकर धमकी दी। इसके बाद परिजनों की शिकायत पर 13 जुलाई 2023 को बड़ागुढ़ा थाना पुलिस ने दोनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। संवाद