पर्वतारोहियों को जिप्सी में बिठाकर रोड शो निकालते हुए।
- फोटो : Sirsa
सिरसा। लेह लदाख में 7135 मीटर (23409 फीट) ऊंची चोटी माउंट नून पर तिरंगा फहराने वाले जिले के दो पर्वतारोहियों सिरसा निवासी साहिल प्रजापति व ऐलनाबाद निवासी हुकमचंद का वीरवार शाम को सिरसा पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया।
दोनों को शहर के नामधारी गुरुद्वारा में सम्मानित किया गया। इससे पूर्व उन्हें खुली जिप्सी में बैठाकर शहर में रोड शो भी निकाला गया। जो महाराणा प्रताप चौक से शुरु होकर बस स्टैंड, परशुराम चौक, आर्य समाज रोड, सुभाष चौक से होता हुआ नामधारी गुरुद्वारा में जाकर संपन्न हुआ। 21 वर्षीय साहिल प्रजापति व हुकमदचंद ने बताया कि लेह लदाख की माउंट नून चोटी फतेह करने वाले वे सिरसा के पहले पर्वतारोही है और चोटी पर तिरंगा फहराकर उन्हें बहुत खुशी महसूस हो रही है। उन्होंने 24 जुलाई को एवरेस्ट के लिए सफर शुरु किया था। वहीं शहरवासियों द्वारा किया गया स्वागत उन्हें उनके अगले लक्ष्य माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने के लिए हौसला बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि इस सफर के दौरान उन्हें मौसम के कारण अनेक परेशानियां भी आई, लेकिन प्रदेश व जिलावासियों की दुआओं से उन्होंने हर मुश्किल को पीछे छोड़कर माउंट नून पर तिरंगा फहराकर ही दम लिया।
पर्वतारोही साहिल व हुकमचंद ने दावा किया कि सिरसा से अब तक कोई भी पर्वतारोही नहीं था। वे सिरसा के पहले पर्वतारोही हैं जिन्होंने 7 हजार फुट की ऊंचाई को छुआ है। यह एवरेस्ट की चोटी फतह करने जैसा है। उन्होंने कहा कि इस फील्ड में बुराई और अच्छाई साथ-साथ चलते हैं। हमनें चढ़ाई करते समय मौत को करीब से देखा है। उन्होंने कहा कि चढ़ाई लेह-लद्दाख में कारगिल से आगे टैंगोर बेस कैंप से शुरू की। युवाओं को अन्य खेलों की तरह इस फील्ड में भी आना चाहिए। 25 जुलाई को अभियान शुरू हुआ था और 13 अगस्त को सम्पन्न हुआ। सरकार ने पर्वतारोहियों के लिए जो 5 लाख रुपये की राशि तय की है उसे बढ़ाया जाना चाहिए। इस दौरान भारत स्काउट एंड गाइड के जिला सचिव सुखदेव सिंह ढिल्लों, युवा क्लब एसोसिएशन से कुलदीप सिंह सहित अनेक शहरवासी मौजूद रहे।