संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में सोमवार को 13वें त्रिवेणी युवा महोत्सव का आयोजन हुआ। इसमें विद्यार्थियों ने अभिनय के माध्यम से सामाजिक कुरीतियों को उजागर किया। मंच-2 पर माइम और स्किट प्रतियोगिताओं में युवा कलाकारों ने कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए।
विद्यार्थियों ने नशाखोरी, कन्या भ्रूण हत्या और सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों पर प्रस्तुति दी। तृतीय लिंग समुदाय के प्रति भेदभाव जैसे मुद्दे भी उठाए गए। इन प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मनोरंजन के साथ संदेश भी दिया। यह संदेश सामाजिक जिम्मेदारियों और नैतिक मूल्यों पर विचार करने का था।
माइम प्रतियोगिता में द शो मस्ट गो ऑन और सेव एनिमल्स जैसे विषयों पर अभिनय किया गया। कलाकारों ने बिना संवाद के हाव-भाव और शारीरिक अभिव्यक्ति से अपनी बात रखी। उन्होंने जीवन के संघर्ष और जीव-जंतुओं के संरक्षण का संदेश दिया।
स्किट प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने सामाजिक समस्याओं को मंच पर जीवंत किया। नशाखोरी पर आधारित प्रस्तुति में इसके दुष्परिणामों को उजागर किया गया। युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया। कन्या भ्रूण हत्या पर आधारित स्किट ने बेटियों के प्रति भेदभाव की मानसिकता पर सवाल उठाए। सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों पर भी प्रस्तुति दी गई।
इसमें सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव और उससे जुड़ी चुनौतियों को सामने रखा गया। सच की राह विषय पर कलाकारों ने सत्य और नैतिक मूल्यों का महत्व रेखांकित किया।
तृतीय लिंग समुदाय पर आधारित प्रस्तुति ने भेदभाव की समस्या उठाई। इसने समानता की आवश्यकता को भी दर्शाया। विद्यार्थियों ने सशक्त संवादों, अभिनय और मंचन से सामाजिक सोच में बदलाव लाने का प्रयास किया।