शिवलिंग पर जल अर्पित करते श्रद्धालु।
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सिरसा। हिंदू धर्म में सावन माह का बहुत अधिक महत्व होता है। सावन हिंदू पंचांग का पांचवां महीना होता है। ये महीना भगवान शिव को समर्पित होता है। इस महीने में भगवान शिव की विधि-विधान से लोग पूजा करते हैं। सावन लगते ही शिव भक्तों ने शिवलिंग पर जलाभिषेक कर पूजा करनी शुरू कर दी है। मान्यता है कि सावन माह में शिव की आराधना करने से मनोकामना जल्द पूर्ण होती है।
रविवार से सावन शुरू हो गया है। वहीं इस बार सावन का महीना 29 दिनों का है। सोमवार के सावन माह का पहला व्रत है। अबकी सावन माह में 4 सोमवार आएंगे। जबकि हर साल सावन माह 5 सोमवार आते हैं। इस बार रविवार को ही सावन शुरू होकर रविवार को ही समाप्त होगा। यानि की 22 अगस्त को सावन माह समाप्त हो जाएगा।
सावन में मिलता विशेष फल
सावन मास में पहला सोमवार 26 जुलाई, दूसरा 2 अगस्त, तीसरा 09 अगस्त व चौथा 16 अगस्त को होगा। सावन के महीने का बहुत अधिक महत्व होता है। सावन माह में सोमवार को किए गए व्रत फलदायी माने गए हैं। मान्यता है कि सावन माह में भगवान शिव की विशेष पूजा करनी चाहिए।
किस प्रकार करनी चाहिए पूजा
पंडित अरुण कौशिक ने बताया कि हिंदू धर्म में सावन का अत्यधिक महत्व है। हालांकि कोरोना के डर से इस वर्ष भक्त मंदिरों में कम जा रहे हैं। वहीं सोमवार व्रत शुरू हो जाएंगे। भगवान शिव की पूजा करने के लिए सुबह जल्दी उठ जाएं और स्नान आदि के बाद घर बने मंदिर में दीप प्रज्ज्वलित करें। शिवलिंग पर गंगाजल, दूध चढा पुष्प और बेल पत्र अर्पित करें। इसके बाद उनकी आरती करें और भोग भी लगाएं।