सिरसा। अनाज मंडी में 70 प्रतिशत से ज्यादा सरसों की फसल आ चुकी है। पर विडंबना ये है कि उठान प्रक्रिया बेहद धीमी गति से चल रहा है। शनिवार तक अधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 67 प्रतिशत सरसों का उठान हो पाया है। वहीं गेहूं की आवक भी मंडी में चार दिनों से शुरू हो गई है। और इन चार दिनों में उठान की स्थित बेहद खराब रही है। ऊपर से मौसम विभाग द्वारा 2-3 दिन तक बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि शनिवार को दिनभर बादल छाने के बाद शाम को हल्की बूंदाबांदी हुई थी।
बता दें कि दोनों फसलों के उठान को लेकर मंडी में स्थिति बेहद खराब है। अनाज की धीमी गति से उठान को लेकर अधिकारी एजेंसी को कई बार नोटिस जारी कर चुके हैं। उसके बाद भी अभी तक उठान की स्थिति बेहतर नहीं हुई है। हैरानी की बात यह है कि चौटाला और पन्नीवाला मोटा में उठान के लिए अभी तक कोई एजेंसी फाइनल नहीं हुई है। ऐसे में मौजूदा हालात से साफ नजर आ रहा है कि मंडी में जैसे ही गेहूं की आवक गति पकड़ेगी, अव्यवस्था का माहौल पैदा होने के आसार हैं।
शेड के नीचे से नहीं हुआ उठान
मंडियों के अंदर शेड के अंदर रखी सरसों का अभी तक उठान नहीं हुआ है। इस उठान को लेकर गंभीरता नहीं दिखाने का परिणाम है कि शेड से बाहर बड़े स्तर पर सरसों की बोरियां भरी हुई पड़ी हैं। 100 मीटर की दूरी पर रहने वाले अधिकारी एजेंसी को नोटिस देने में व्यस्त है। यह पहली बार नहीं है कि ऐसे हालात मंडियों में देखने को मिले हैं। हर साल ही संबंधित की ओर से ऐसी ही व्यवस्था देखने को मिलती है। बस, बहाने अलग अलग बनाए जाते हैं। यहीं कारण है कि शेड के नीचे से सरसों का उठान अधिकारी नहीं करवा पाए हैं।
कौन देगा ऑपरेटर
मंडी में सरसों के साथ गेहूं की आवक भी बड़े स्तर पर सोमवार से शुरू हो जाएगी। मंडी में टोकन काटने के लिए पर्याप्त मात्रा में कर्मचारी नहीं हैं। सीजन शुरू होने से पहले मार्केट कमेटी प्रशासन ने मंडियों के लिए 20 कंप्यूटर ऑपरेटर मांगे थे। एचकेआरएन से पूरे कंप्यूटर ऑपरेटर आज तक नहीं मिले हैं। जबकि दूसरे विभाग से कंप्यूटर ऑपरेटर को लेकर एक ही जवाब आ रहा है कि सभी लोकसभा चुनाव की ड्यूटी लगे हैं। अधिकारियों की माने तो अब तक 9 कंप्यूटर ऑपरेटर ही मिले हैं। जबकि अन्य कंप्यूटर ऑपरेटर सोमवार तक आने की उम्मीद है। हैरानी की बात है कि किसानों के लिए व्यवस्था की बात करने वाले अधिकारी, एक माह से कंप्यूटर ऑपरेटर तक मुहैया नहीं करवा पाए हैं।
नियमों के विरुद्ध ट्रैक्टर ट्रॉली से हो रहा उठान
मंडी में फसल उठान नियमानुसार ट्रकों से किया जाना चाहिए। ताकि उठान कार्य तेजी और बड़े स्तर पर हो सके। लेकिन एजेंसी ट्रक से उठान न कर ट्रैक्टर ट्रॉली से उठान करवाने में जुटी हुई है। क्योंकि ट्रैक्टर ट्रॉली का ट्रक के मुकाबले किराया कम होता है और नियमों के विरुद्ध बड़े बीड लगाकर उठान करवाया जाता है। जिससे एजेंसी कम खर्च में ज्यादा उठान करवा सके। दूसरी तरफ सरकार ने भी ट्रैक्टर के कॉमर्शियल प्रयोग न करने को आदेश जारी किए हुए हैं, इसके बाद भी अधिकारी ही ट्रैक्टर ट्रॉली से हो रहे उठान की अनदेखी करते देखे जा सकते हैं।
30 ट्रैक्टर ट्रॉली लगाकर फसल का उठान करवाया जा रहा है। एजेंसी को उठान के लिए नोटिस भी दिए जा चुके हैं। टोकन काटने के लिए कंप्यूटर ऑपरेटर जल्द ही मिल जाएंगे।
-राहुल कुंडू, डीएमईओ
उठान में देरी होने से आढ़ती व किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम खराब होने के कारण गेहूं व सरसों की फसल बोरियों में भरी खुले में पड़ी है। जिसके बारिश होने पर खराब होने का खतरा बना हुआ है। सोमवार को उठान तेज नहीं होता है तो एसोसिएशन सख्त कदम उठाएगी।
-मनोहर मेहता, प्रधान, आढ़ती एसोसिएशन, सिरसा