सिरसा। खेल स्टेडियम के बॉक्सिंग रिंग में खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने को आतुर दिखाई पड़ रहे हैं। वीरान हो चुके इस बॉक्सिंग रिंग की डलिया से अब फूल खिलने लगे हैं। एक अप्रैल से आरंभ हुई इस बॉक्सिंग नर्सरी में 45 बच्चे प्रशिक्षण ले रहे हैं, जबकि पहले यहां पर केवल 10 खिलाड़ी ही प्रशिक्षण लेने आते थे।
बॉक्सिंग नर्सरी के खिलाड़ी राज ने हाल ही में सिवानी में आयोजित सब जूनियर बॉक्सिंग प्रतियोगिता में रजत पदक हासिल किया है। बॉक्सिंग नर्सरी में हाल ही में पानीपत से आए कोच सुनील कुमार इन खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। इस खेल नर्सरी में बच्चों को मुफ्त में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साथ ही उनको अभ्यास के लिए यहां पर बॉक्सिंग की प्राथमिक बारीकियों के साथ-साथ उनको पंच लगाने व डिफेंस करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पहले स्टेडियम में सामान का अभाव था। हालांकि कोच सुनील कुमार ने जिला खेल अधिकारी के सहयोग से यहां पर बच्चों के लिए सामान उपलब्ध करवाना आरंभ कर दिया है।
पांच घंटे बहा रहे हैं पसीना : खेल स्टेडियम में स्थित बॉक्सिंग नर्सरी में खिलाड़ी सुबह जहां 2 घंटे तो शाम को 3 घंटे अभ्यास कर रहे हैं। इस नर्सरी में 8 साल के छोटे बच्चों से लेकर 20 साल तक के युवा अभ्यास कर रहे हैं। सुबह इनको पहले जहां फिजिकल अभ्यास करवाया जाता है, वहीं इसके बाद रिंग पर जोर आजमाइश आरंभ हो जाती है। इस नर्सरी में लड़कों के अलावा लड़कियां भी बॉक्सिंग के गुर सीखने आ रही हैं।
बॉक्सिंग कोच भी हैं प्रतिभा के धनी
पानीपत से सिरसा में आए बॉक्सिंग कोच भी प्रतिभा के धनी हैं। वह सात बार के नेशनल चैंपियन हैं। इसके अलावा उन्होंने तीन अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भी भाग लिया है। वह इससे पहले भी कई जिलों में सरकारी नौकरी कर चुके हैं। वर्ष 2014 में उन्होंने खेल विभाग में बॉक्सिंग कोच के तौर पर ज्वाइन किया था। उनका अधिकतर समय पानीपत में रहा है और वहां पर उनसे प्रशिक्षण ले चुके पांच बच्चे वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडलिस्ट व 17 बच्चे नेशनल मेडलिस्ट रह चुके हैं।
खिलाड़ियों की प्रतिक्रिया
मेरे मन में बॉक्सिंग खेलने की ललक पहले से थी। जब मुझे पता चला कि खेल स्टेडियम में बॉक्सिंग की खेल नर्सरी बनी है, तो मेरा भी मनोबल बढ़ा और यहां पर मेहनत भी कराई जाती है। नर्सरी के बुते मैं अच्दा प्रदर्शन करूंगी और मेडल लेकर आऊंगी।
-हर्षिता, बॉक्सिंग खिलाड़ी
मुझे बचपन से ही बॉक्सिंग का शौक था। जब पता चला कि खेल स्टेडियम में नर्सरी आरंभ हो गई है, तो मैं यहां पर प्रशिक्षण ले रहा हूं। अच्छा माहौल है और बच्चों को यहां पर सीखने के लिए बहुत कुछ मिल रहा है।
-शिवांश, बॉक्सिंग खिलाड़ी
मैं जब नर्सरी में आया था तो मेरा फिटनेस चेकअप किया गया। इसके बाद ही मुझे अकादमी में आने का मौका मिला। यहां पर बॉक्सिंग के लिए पूरा सैटअप है और हम अच्छा प्रदर्शन करने में सक्षम रहे हैं।
-हर्ष, बॉक्सिंग खिलाड़ी
बॉक्सिंग स्टेमिना का खेल है। कोच हमें स्टेमिना रखने के साथ-साथ बॉक्सिंग के हर गुर सिखाते हैं। हम सुबह व शाम 5 घंटे तक रिंग में पसीना बहाते हैं। आगे भी उम्दा प्रदर्शन करेंगे।
-राज, बॉक्सिंग खिलाड़ी
जब से मैंने बॉक्सिंग नर्सरी में दाखिला लिया है, तब से मेरा प्रदर्शन अच्छा रहा है। कोच सुनील कुमार अच्छा प्रशिक्षण दे रहे हैं और हमारा मनोबल बढ़ा रहे हैं।
-निशांत, बॉक्सिंग खिलाड़ी
इस माह जब से यह नर्सरी खुली है, हमारा मनोबल बढ़ा। खेल नर्सरी में अच्छा वातावरण है और सभी खिलाड़ी जमकर पसीना बहा रहे हैं। उम्मीद है कि इस बार हम नर्सरी के लिए मेडल जीत पाएंगे।
-मयंक, बॉक्सिंग खिलाड़ी
खेल स्टेडियम में स्थित बॉक्सिंग नर्सरी में बच्चों को हर प्रकार की सुविधा दी जाती है। रिंग बच्चों के लिए बनाए हुए हैं और इसके अलावा बच्चों की फिटनेस का पूरा ख्याल रखा जाता है, ताकि उनका स्टेमिना बना रहे। मेरी इच्छा है कि बच्चों को बढि़या प्रशिक्षण दूं, ताकि यह देश का नाम विदेशों में चमकाएं।
-सुनील कुमार, कोच, बॉक्सिंग नर्सरी, सिरसा।