फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sirsa News: 1903 के बने मंडी डबवाली रेलवे स्टेशन के कायाकल्प का कार्य जारी

Thu, 10 Apr 2025 11:05 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
विज्ञापन
 मंडी डबवाली के रेलवे स्टेशन का मुख्य द्वार। 
विज्ञापन
सिरसा। डबवाली के वर्ष 1903 में बनाए ऐतिहासिक रेलवे स्टेशन का कायाकल्प किया जा चुका है। बीकानेर मंडल की ओर से अमृत भारत योजना के तहत बड़े स्तर पर सुंदरीकरण का कार्य करवाया गया है। ऐतिहासिक रेलवे स्टेशन की सूरत बदल दी है। जिससे यह लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है। वहीं, पैदल पुल बनने का इंतजार शहरवासी कर रहे हैं। इसके लिए विशेष बजट जारी किया जा चुका है। जल्द ही इसका निर्माण कार्य भी शुरू हो जाएगा।
विज्ञापन

बता दें कि अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत बीकानेर मंडल के अधीन मंडी डबवाली स्टेशन के पुनर्विकास का कार्य तीव्र गति से चल रहा है। स्टेशन का प्रथम चरण का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। स्टेशन भवन में बड़े स्तर पर सुधार कार्य किया गया है। स्टेशन द्वारा आने-जाने वाले मार्ग में प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग प्रावधान का कार्य, बाउंड्री वॉल, सर्कुलेटिंग एरिया में सुंदरीकरण, दोपहिया, चौपहिया वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग सुविधा, बुकिंग ऑफिस रिटायरिंग रूम आदि में सुधार, नए टॉयलेट ब्लॉक्स का कार्य अंतिम चरण में है। लगभग 99 प्रतिशत से अधिक कार्य हो चुका है।

13.34 करोड़ का आएगा खर्च
बीकानेर मंडल प्रवक्ता के अनुसार सुंदरीकरण के कार्य में 13. 34 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। सुंदरीकरण में दीवारों पर आकर्षक चित्रकारी की गई है। वहीं आधुनिक एलईडी लाइटें लगाई गई हैं। मुख्य द्वार को आकर्षक बनाया गया है। दिव्यांगजनों के लिए सुविधा दी जा रही है। वहीं, बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए रेलवे स्टेशन भवन पर सोलर प्लांट लगाने का कार्य भी किया जाएगा। यात्री सूचना प्रणाली में सुधार हेतु के कोच गाइडेंस डिस्प्ले बोर्ड, मल्टीलाइन डिस्पले बोर्ड्स, सिंगल लाइन डिस्प्ले बोर्ड, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, बड़े एलइडी स्क्रीन्स तथा जीपीएस आधारित डिजिटल क्लॉक भी लगाई गई है।
विज्ञापन



स्टेशन पर 12 मीटर चौड़ा बनाया जाएगा पैदल पुल
जानकारी के अनुसार मंडी डबवाली रेलवे स्टेशन पर 12 मीटर का पैदल पुल बनाने का कार्य अभी शुरू नहीं हुआ है। इस कार्य को भी करवाया जाएगा। इसको लेकर अनुमानित 5.63 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। क्योंकि पुराने पुल को तोड़ा जा चुका है। इस कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसलिए इस पुल का निर्माण कार्य भी जल्द ही शुरू किया जाएगा।


डबवाली रेलवे स्टेशन का इतिहास
जानकारी के अनुसार डबवाली रेलवे स्टेशन अंग्रेजों के जमाने से रहा है। 1903 में यहां छोटी रेलवे लाइन थी। जिसे मीटर गेज बोला जाता था। 1979 में बड़ी लाइन पड़ी, जिसे ब्रॉड गेज कहते थे। ये बठिंडा से सूरतगढ़ तक डाली गई थी जो आर्मी की सहूलियत के लिए थी। इसके बाद डबवाली को मॉडर्न स्टेशन घोषित किया गया। बाद में, लंबी दूरी की गाड़ियां , मालगाड़ियां चलने लगीं और आने जाने की सहूलियत के साथ व्यापारिक दृष्टि से आमजन को फायदा हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें