सिरसा। जिले के गांव नेजाडेला कलां के व्यक्ति की भूमि की फर्द-बदर का काम एक कानूनगो ने बिना किसी ठोस कारण 4 महीने तक लटकाए रखा। चक्कर काट-काट परेशान व्यक्ति उपायुक्त दरबार में पेश हुुआ। उपायुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए न केवल दूसरे कानूनगो की ड्यूटी लगाकर रुका हुआ काम तुरंत प्रभाव से समय पर करवाया बल्कि ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले कानूनगो के खिलाफ जांच के बाद कार्रवाई भी की। उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने दोषी कानूनगो तेजभान को निलंबित कर दिया।
बताया जा रहा है कि गांव नेजाडेला कलां निवासी कुलविंद्र सिंह ने गांव में करीब 4 कनाल भूमि जनवरी में खरीदी। लेकिन रजिस्ट्री के समय पता चला कि उक्त जमीन की फर्द में वर्ष 2011-12 के दौरान कोई कमी रह गई थी। ऐसे में फर्द-बदर की त्रुटि को ठीक करवाने के लिए फरवरी में आवेदन किया। कुलविंद्र ने बताया कि पटवारी होशियार सिंह ने अपना काम समय पर पूरा करते हुए फाइल तैयार कर कानूनगो तेजभान के पास भेज दी। आरोप है कि तेजभान कानूनगो ने जानबूझकर काम को मई तक भी लटकाए रखा। ऐसे में कुलविंद्र बार-बार चक्कर काटकर परेशान हो गया। कुलविंद्र ने 2-3 जून को उपायुक्त दरबार में पेश होकर पूरा ब्योरा रख दिया और उपायुक्त के समक्ष समस्या रखी। उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने समस्या सुनी और किसी दूसरे कानूनगो की ड्यूटी लगाकर तुरंत प्रभाव से फर्द का पेंडिंग काम पूरा करवा दिया। इतना ही नहीं कानूनगो तेजभान की शिकायत को लेकर जांच के भी आदेेश दिए। एसडीएम जयवीर यादव ने जांच की और रिपोर्ट सौंपी। बताया जा रहा है कि जांच में कानूनगो तेजभान दोषी मिला।
डीसी ने किया कानूनगो को निलंबित
एसडीएम जयवीर यादव की जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करते हुए उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने कानूनगो तेजभान को निलंबित कर दिया है। अब उक्त कर्मचारी का मुख्यालय एसडीएम डबवाली कार्यालय कर दिया गया है।
पहले भी कई बार निलंबित हो चुका है कानूनगो
उपायुक्त ने कानूनगो तेजभान को निलंबित करने के आदेश दिए हैं, वह पहले भी सुर्खियों में रह चुका है। विभागीय सूत्र बताते हैं कि एक बार खेतों में आग लगने के दौरान रिपोर्ट बनाने के लिए भी उस पर ड्यूटी में लापरवाही के आरोप लगे। उसका वीडियो भी वायरल हो हुआ था। इतना ही नहीं एक अन्य मामले में भी निलंबित हो चुका है। इसके अलावा अन्य कई शिकायतें भी उक्त कानूनगो के खिलाफ लगी हैं।
एक शिकायत आई थी। जिसमें कानूनगो द्वारा बेवजह काम रोके रखने के आरोप लगे थे। किसी दूसरे पटवारी की ड्यूटी लगाकर काम तुरंत प्रभाव से करवा दिया गया और मामले की जांच के भी आदेश दिए गए। जांच रिपोर्ट में कानूनगो दोषी पाया गया। इसलिए उसे निलंबित कर दिया गया है।
-अजय सिंह तोमर, डीसी, सिरसा।