सिरसा । मुख्यमंत्री के सिरसा दौरे से पहले अधिकारियों ने नशे के खिलाफ प्रभावी नकेल कसना शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने सीएम के दौरे से पहले सोमवार को जिलेभर में ताबड़तोड़ छापेमारी कर आठ टीमों ने पूरे जिले के मेडिकल स्टोरों को खंगाल डाले। सिरसा, डबवाली, रोडी, कालांवाली, ओढ़ा में 20 मेडिकल स्टोर को सील किया गया और 30 के आसपास मेडिकल स्टोर को नोटिस थमाया गया। मेडिकल स्टोरों की सूची स्टेट ड्रग विभाग की टीम अपने साथ लेकर आई थी।
सिरसा में 8 नवंबर को गुरु तेज बहादुर सिंह जयंती पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का दौरा है। इस दौरान नशे से होने वाली मौत पर मुख्यमंत्री को ग्रामीणों के सवाल के जवाब देने पड़ सकते थे। ऐसे में उनके आगमन से पहले ही टीम ने सोमवार को जिले में ताबातोड़ मेडिकल स्टोर पर छापामार कार्रवाई की।
जारी रहेगी कार्रवाई
इस दौरान छापामार कार्रवाई करने वाले अधिकारियों ने बताया कि नशे को लेकर उनकी कार्रवाई जारी रहेगी। दस्तावेजों में कमी , सेलपरचेज बिलों में गड़बड़ी व एक्सपायरी दवाओं को लेकर जांच करने के आधार पर रिपोर्ट तैयार कर कार्रवाई की जा रही है। जिले में बड़े स्तर पर मेडिकल स्टोर संचालकों पर कार्रवाई की सूचना मिलने के बाद ही डबवाली, कालांवाली, ओढ़ा सहित अन्य क्षेत्रों में मेडिकल स्टोर संचालक अपने मेडिकल बंद कर गायब हो गए। सिरसा शहर में मेडिकल स्टोर संचालकों में हड़कंप मचा रहा है। स्टेट ड्रग विभाग की टीम के इंचार्ज सुनील दहिया की अगुवाई में आठ टीमों ने सोमवार को पूरे जिले के मेडिकल स्टोरों को खंगाला है।
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रोड़ी, डबवाली सहित कई जगह किए मेडिकल स्टोर सील
रोड़ी क्षेत्र में स्टेट विभाग की टीमों ने कई गांवों में छापेमारी की। 7 टीमों ने गांव फग्गु, सुरतिया, रोड़ी, कुरंगावाली और बड़ागुढ़ा सहित कई स्थानों पर मेडिकल स्टोरों की सघन जांच की। जांच के दौरान नियमों की अनदेखी पाए जाने पर गांव फग्गु स्थित गौरव मेडिकल और अरुण मेडिकल को विभाग ने सील कर दिया। वहीं, रोड़ी स्थित आरके मेडिकल हॉल पर सेल-पर्चेज बिल, एक्सपायरी दवाइयां और साफ-सफाई में लापरवाही जैसी अनियमितताएं पाई गईं, जिस पर फार्मासिस्ट को नोटिस थमाया गया। ओढ़ा में दो मेडिकल स्टोर लाइफ लाइन और अमित मेडिकल पर कार्रवाई की। दोनों को सील कर दिया गया। डबवाली में गोल चौक स्थित गिन्नी मेडिकल स्टोर , रेलवे अंडरब्रिज के समीप स्थित किंग मेडिकोज , नवाब मेडिकोज व लाइफलाइन मेडिकल को सील कर दिया गया। इसके उपरांत भी देर शाम तक टीमें मेडिकल स्टोर की जांच करती रहीं।
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मेडिकल नशे से मौत के बढ़ रहे थे मामले
जिले में मेडिकल नशे से मौत के मामले निरंतर बढ़ रहे थे। डबवाली , रोडी , रानियां के कई गांवों में युवाओं की मौत हो गई थी। गांव औटू, गांव गंगा, गांव रोड़ी सहित कई गांवों में 10 के आसपास युवाओं की मौत हो चुकी है। कालांवाली भी दो से तीन मौत के मामले सामने आ चुके हैं। जानकारी के अनुसार मौत के निरंतर बढ़ रहे मामलों के बाद ही एसपी सिरसा डा मयंक गुप्ता का तबादला कर दिया गया था और एसपी दीपक सहारण को लगाया गया है। एसपी ने आने के साथ ही मेडिकल नशे को लेकर ही मेडिकल स्टोर संचालकों और एजेंसी संचालकों के साथ की बैठक की है। सभी को नशे व नशे के प्रयुक्त होने वाली मेडिकल दवाओं की सप्लाई पर मॉटिरिंग करने व सावधनी बरते के आदेश दिए थे।
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यह कार्रवाई मेडिकल नशे के बढ़ते दायरे को रोकने के लिए की जा रही है और जांच का सिलसिला जारी रहेगा। ड्रग विभाग की टीमों द्वारा रोड़ी क्षेत्र में जांच अभियान जारी था। विभाग ने साफ किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले मेडिकल संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि क्षेत्र में बढ़ते मेडिकल नशे पर पूरी तरह से अंकुश लगाया जा सके।
अजय कुमार, ड्रग इंस्पेक्टर , स्टेट ड्रग विभाग।