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यूक्रेन में फंसी सिरसा की महक तो रोमानिया बॉर्डर पर मदद का इंतजार कर रहा है विनित

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विनीत चौधरी, यूक्रेन। - फोटो : Sirsa
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सिरसा। यूक्रेन व रूस के बीच चल रहे युद्ध के चलते बढ़ रहे तनाव को लेकर जहां यूक्रेन में पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही। जैसे-जैसे रूस की सेना यूक्रेन की तरफ बढ़ रही है वहीं इन विद्यार्थियों के परिजनों की दिलों की धड़कन बढ़ रही है। परिजन सरकार से लगातार अपने बच्चों को सकुशल वापस लाने की गुहार लगा रहे हैं और भगवान को याद कर रहे हैं कि उनके बच्चे उन तक सही सलामत वापस लौट आएं।
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यूक्रेन में अभी तक सिरसा के लगभग 35-40 बच्चे फंसे हुए हैं। इन बच्चों के परिजन उनसे लगातार संपर्क कर उनका कुशलक्षेम पूछ रहे हैं। यूक्रेन में भी हालात लगातार खराब हो रहे हैं। वहां पर कई शहरों में कर्फ्यू लगा दिया गया है तथा जो बच्चे वहां फंसे हुए हैं वे बेसमेंट में रहकर अपनी जान बचाए हुए हैं। सिरसा में पिछले दिनों दो छात्राएं सकुशल अपने वतन लौट आई हैं, जिसके बाद से दोनों बच्चियों के परिजनों ने राहत महसूस की है। लेकिन अभी भी यूक्रेन में जिला के करीब 40 विद्यार्थी फंसे हुए हैं।
खारकीव से 1500 किमी दूर एयरपोर्ट पर पहुंचना हुआ मुश्किल
सिरसा की गांधी कॉलोनी की निवासी अश्वनी की पुत्री महक पिछले साल ही यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई करने के लिए गई थी। युद्ध के चलते महक फिलहाल यूक्रेन की पुरानी राजधानी खारकीव में ही यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रही है और इस समय यूनिवर्सिटी के 5 वीएन कारजिन स्ट्रीट के हॉस्टल में रह रही है और बंकर में ही सुरक्षित है। खारकीव से 1500 किलोमीटर दूर एयरपोर्ट है जहां पहुंचना महक के लिए फिलहाल बेहद मुश्किल है। महक के पास राशन की भी किल्लत हो रही है ऐसे में महक के लिए आने वाले दिनों में परेशानियां और बढ़ सकती है। महक के परिजन भी इससे काफी परेशान हैं।
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पिता अश्वनी व माता संगीता रानी ने बताया कि रविवार सुबह ही महक से उनकी बात हुई थी। महक ने यूक्रेन की स्थिति के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हालांकि रूस ने कीव के कुछ हिस्सों पर हमला करने के बाद कब्जा भी कर लिया है, जिससे यूक्रेन में रहने वाले भारतीय छात्र व नागरिक काफी सहमे हुए हैं।
रोमानिया बॉर्डर पर इंतजार कर रहा है विनित
सिरसा निवासी विनित चौधरी यूक्रेन के इवानो यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस कर रहे हैं जहां पर उनका तीसरा वर्ष है। पिता जगवीर सिंह ने बताया कि उनकी विनित से रविवार शाम बात हुई है। यूनिवर्सिटी से विनित के साथ अन्य विद्यार्थियों को बस द्वारा रोमानिया की बॉर्डर पर पहुंचाया गया है। यहां पर वे कल से फंसे हुए हैं। अभी तक रोमानिया में उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया है। जगवीर सिंह ने बताया कि विनित द्वारा हुई बात से उन्हें पता चला कि यूक्रेन के नागरिक ही वहां पर फंसे हुए विद्यार्थियों के लिए खाने-पीने की व्यवस्था कर रहे हैं। अलग-अलग देशों के करीब 8-9 हजार बच्चे रोमानिया बॉर्डर पर फंसे हुए हैं तथा काफी तनाव में है।
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