संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। नगर परिषद प्रशासन ने सफाई के लिए शहर को तीन जोन से पांच जोन में बांट दिया है। इसके साथ ही रोड स्वीपिंग का काम विवादों में रही डिंग मैन पावर एजेंसी को दिया है। इस काम के लिए आठ एजेंसियों ने आवेदन किया था। ऐसे में सात एजेंसियों को रद्द कर विवादों में रही एजेंसी को टेंडर देने पर सफाई कर्मचारी यूनियन ने नाराजगी जाहिर की है।
शहर में डोर-टू-डोर कचरा उठान और निस्तारण का कार्य पूजा वेस्ट मैनेजमेंट कर रही है। इसके साथ ही अब डिंग मैन पावर को शहर के सभी पांचों जोन की रोड स्वीपिंग की जिम्मेदारी दी है। नगर परिषद हर साल 4 करोड़ रुपये शहर की रोड स्वीपिंग पर खर्च करती है। इसके बाद भी सफाई व्यवस्था को लेकर निरंतर शिकायत मिलती रही है। अधिकारियों का तर्क है कि मौजूदा समय में नगर परिषद का दायरा बढ़ गया है। इसलिए दो जोन बढ़ा गए हैं। इनमें बेगू रोड और रामनगरिया क्षेत्र को शामिल किया गया है। क्षेत्र बढ़ने के साथ कर्मचारियों की संख्या नहीं बढ़ी है। नगर परिषद के पास मात्र दो एसआई है। ऐसे में सात किलोमीटर के दायरे की जांच कर पाना संभव नहीं है। बिना कर्मचारियों के एजेंसी के कर्मचारियों पर निगरानी रखना संभव नहीं है।
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इस प्रकार हुई थी लापरवाही
वर्ष 2022- 23 तक डिंग मैन पावर के पास कचरा निस्तारण का टेंडर था। बड़े स्तर पर कचरा निस्तारण नहीं करने पर विवाद हुआ था। हाल ही में विधायक गोकुल सेतिया के निरीक्षण के दौरान एजेंसी के कर्मचारी कम पाए गए थे और जुर्माना लगाया गया था।
70 कर्मचारी हुए प्रभावित, छूट गया सालों पुराना क्षेत्र
सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान मनोज अठवाल ने कहा कि विभाग ने पिछले साल भी बिना यूनियन से पूछे रोड स्वीपिंग के टेंडर दिए थे। इसके बाद कर्मचारियों को परेशानी उठानी पड़ी थी। इस बार भी ऐसा किया गया है। एक ही एजेंसी को टेंडर दे दिया गया है। 70 कर्मचारी सालों से जिन इलाकों में सफाई कर रहे थे, उन्हें एक दम से हटाकर दूसरे क्षेत्र में लगा दिया है। महिला कर्मचारियों को सबसे ज्यादा परेशानी होगी।
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बॉक्स
नगर परिषद के सफाई कर्मचारी
कुल - 192
अनुबंधित - 58
सरकारी कोठियों पर कार्यरत - 45
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एजेंसी के पास पूरे नहीं होते कर्मचारी, इसलिए होता है विरोध
शहर के बाजारों में सफाई जिम्मेदारी अभी भी नगर परिषद के कर्मचारियों के पास है। पिछली बार भी नगर परिषद के कर्मचारियों ने स्वयं क्षेत्र बढ़वाया था, ताकि शहर के मुख्य क्षेत्र में गंदगी की समस्या न रहे। यूनियन पदाधिकारियों की माने तो एजेंसी के कर्मचारी कभी भी पूरे नहीं होते। इस कारण सफाई व्यवस्था प्रभावित होती है। इसलिए इनका विरोध किया जाता है। ये कर्मचारी सफाई दरोगा के दबाव को भी कुछ नहीं समझते है।
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रोड स्वीपिंग मशीनों को भेजा वापस
नगर परिषद के पास रोड स्वीपिंग की दो मशीनें थीं। तेल के खेल के चलते इनको वापस पंचकूला स्थित मुख्यालय भेज दिया गया। अब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बजट में नगर परिषद और पालिकाओं को रोड स्वीपिंग को लेकर मशीन उपलब्ध करवाने की घोषणा की थी। वहीं, एजेंसी मशीनरी का प्रयोग नहीं करती है और कर्मचारियों से ही काम लेती है।
कोट्स
सफाई के लिए शहर को पांच जोन में बांटकर एजेंसी को दिया गया है। डिंग मैन पावर को काम सौंपा गया है। पूर्व में विधायक की जांच के दौरान कर्मचारी कम पानी पर जुर्माना लगाया गया था। यदि एजेंसी काम में लापरवाही करेगी तो जुर्माना लगाने में कोई कमी नहीं रखी जाएगी। एजेंसी के कर्मचारियों की नियमित रूप से निगरानी की जाएगी। सफाई कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर बातचीत की जाएगी। - जयवीर सिंह, सीएसआई नगर परिषद।