संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। नागरिक अस्पताल में बनी लैब में पैथोलॉजिस्ट (विकृति विशेषज्ञ) की नियमित तैनाती की गई है। इसके अलावा दो चिकित्सकों को अतिरिक्त चार्ज दिया गया है। इससे अब मरीजों को राहत मिलेगी। नियमित विशेषज्ञ न होने से एफएनएसी (फाइन नीडल एस्पिरेशन साइटोलॉजी) टेस्ट के लिए मरीजों को परेशान होना पड़ता था।
दरअसल, इस टेस्ट के जरिये मरीजों में टीबी की गांठों व अन्य बीमारी का पता लगाया जाता है। इससे पहले नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों की कमी के चलते अतिरिक्त डयूटी लगाई जाती थी। ऐसे में कई बार मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ता था। इसके चलते मरीजों को निजी लैब से टेस्ट करवाने पड़ते थे। इसी समस्या के समाधान के स्वरूप अब स्वास्थ्य विभाग की ओर से नियमित तौर पर लैब में पैथोलॉजिस्ट की तैनाती की गई है।
इससे नागरिक अस्पताल में एफएनएसी टेस्ट करवाने के लिए निजी लैब में पैसे नहीं खर्च करने पड़ेंगे और समय पर मरीज के टेस्ट के बाद इलाज संभव हो पाएगा। जानकारी के अनुसार, नागरिक अस्पताल में जहां मरीजों के यह टेस्ट फ्री में किए जाते हैं वहीं निजी लैब पर इस टेस्ट के मरीजों से 1000 से 1500 रुपये देने पड़ते हैं। ऐसे में जिन मरीजों की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होती वह निजी लैब से टेस्ट नहीं करवा पाते हैं।
प्रतिदिन 20 के करीब पहुंच रहे मरीज
नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 20 के करीब मरीज जांच के लिए पहुंच रहे हैं। ईएनटी चिकित्सक की ओर से मरीजों के गले और कानों के नीचे गांठ होने पर टेस्ट के लिए परामर्श दिया जाता है। एफएनएसी टेस्ट में टीबी और कैंसर जैसी बीमारी की प्राथमिक स्थिति का भी पता चल जाता है। वहीं, महिला रोग विशेष भी कुछ इस तरह के टेस्ट करवाती हैं।
एफएनएसी टेस्ट की प्रक्रिया
एफएनएसी जांच में मरीज के शरीर में स्थित गांठ से लिक्विड लिया जाता है। इसकी माइक्रोस्कोप से जांच की जाती है। जांच में टीबी के रोगाणु आसानी से दिखाई दे जाते हैं। इसके बाद दो से तीन दिन में रिपोर्ट आने के बाद टीबी और कैंसर जैसी बीमारी का पता लगाया जाता है।
वर्जन :नागरिक अस्पताल में मरीजों के एफएनएसी टेस्ट जारी है। मरीजों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो इसके लिए एक चिकित्सक नियमित व दो चिकित्सकों को अतिरिक्त चार्ज दिया गया है। डाॅ. पवन कुमार, पीएमओ, नागरिक अस्पताल, सिरसा।