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Sirsa News: खाद्य सुरक्षा अधिकारी का पद खाली, नहीं लिए जा रहे खाद्य पदार्थों के सैंपल

Mon, 16 Oct 2023 10:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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संवाद न्यूज एजेंसी
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सिरसा। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचने के लिए सरकार ने खाद्य सुरक्षा विभाग बनाया है, लेकिन बीते सात माह से जिले में खाद्य सुरक्षा अधिकारी का पद खाली पड़ा है। इसके कारण खाद्य पदार्थों के सैंपल नहीं लिए जा रहे हैं और न ही दुकानों की जांच हो रही है। ऐसे में दुकानदार घटिया सामग्री का इस्तेमाल कर खाद्य पदार्थ तैयार कर लोगों के स्वास्थ्य के साथ भी खिलवाड़ कर रहे हैं। दुकानों में मिठाई पर तैयार करने की तिथि और एक्सपायरी तिथि की सूची भी गायब है।
हर वर्ष 16 अक्तूबर विश्व खाद्य दिवस के रूप में मनाया जाता है। त्योहारी सीजन के चलते अब जिले में मिठाई की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ लगना शुरू हो चुकी है, लेकिन मिठाई की गुणवत्ता की जांच करने के लिए प्रशासन अलर्ट दिखाई नहीं दे रहा। हर रोज दुकानों पर क्विंटलों के अनुसार मिठाई की बिक्री होती है। दुकानदार दूध से मिठाई तैयार करने का दावा कर ग्राहकों को लुभाते हैं, लेकिन इसकी असलियत कोई भी नहीं जानता कि वह किस तरह से तैयार की गई है। इसमें दूध, आटा, चिन्नी की कितनी मात्रा डाली गई है। कहीं वह कैमिकल से तो तैयार नहीं की जा रही। चार माह से जिले में कोई भी खाद्य सामग्री का सैंपल व जांच तक नहीं हो पाई है। चार माह पहले एडिशनल अधिकारी को सिरसा में नियुक्त किया गया था। शिकायतों के मिलने के बाद उन दुकानों से सैंपल भी एकत्र किए गए थे।
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ये है मिठाइयां ठीक रहने की अवधि



एक दिन : कलाकंद, बटरस्कोच कलाकंद, रोस कलाकंद, चॉकलेट कलाकंद

दो दिन : बादाम दूध, रसगुल्ला, रसमलाई, रबड़ी रसमलाई, शाही टोस्ट, राजभोग, चम-चम, संदेश, मलाई रोल, बंगाली रबड़ी, हिरामणी, घूड़ संदेश, हरिभोग, अनारकली, मधूरी, पाकीजा, रस्कादम, गुड़ कच्चा, गोला संदेश, रस कट्टा, खीर मोहन, गुड़ रसमलाई, गुड़ रबड़ी, गुड़ रसगुल्ला

चार दिन : मिल्क केक, मिल्क बर्फी, पिस्ता बर्फी, कोकोनट बर्फी, चॉकलेट बर्फी, सफेद पेड़ा, बूंदी लड्डू, कोकोनट लड्डू, लाल लड्डू, मोतीचूर मोदक, खोया बादाम, मेवा बट्टी, फ्रूट केक, खोया फ्रूट केक, केशर कोकोनट लड्डू, मलाई घेवर, मेवा लड्डू, पिंक बर्फी, शाही घेवर, केसर बादाम रोल, खीर बादाम, खीरा बीज बर्फी, खोया कोकोनट बर्फी ।

सात दिन : ड्राई फ्रूट्स लड्डू, काजू कतली, घेवर, शकरपारा, घूड़पारा, शाही लड्डू, मूंग बर्फी, आटा लड्डू, ड्राई फ्रूट्स गुजिया, मोटी बूंदी लड्डू, काजू केसर बर्फी, बादाम लोंग, चंदरकला, चक्क मिठ्ठी, केसर गुजिया, मैदा गुजिया, काजू खजूर, केसर घेवर, समोसा, लड्डू, बेसर बर्फी, रोस कतली।

30 दिन: आटा लड्डू, बेसन लड्डू, चना लड्डू, चना बर्फी, अंजीर खजूर बर्फी, कराची हलवा, सोहन हलवा, गच्चक, चिक्की।


मिठाई बासी है या ताजी, इसकी गायब हुई चिट
सरकार की ओर से मिठाई के दुकानदारों को आदेश दिए गए थे कि जो भी दुकानदार दूध से बनी मिठाई को काउंटर में लगाएगा उसके साथ मिठाई बनने की तिथि और उसकी एक्सपायरी तिथि भी लिखकर लगानी होगी। इसके साथ ही मिठाई के भाव भी लिखने होंगे। अब इक्का दुक्का दुकानों को छोड़कर अन्य दुकानों के काउंटरों पर केवल मिठाई के भावों की चिट लगी हुई दिखाई देती है। इसमें मिठाई तैयार करने की तिथि और एक्सपायरी की कोई जानकारी दर्ज नहीं है।

जिले में पहले भी दुकानदारों पर लग चुका है भारी जुर्माना
बीते वर्ष खाद्य एवं सुरक्षा अधिकारी की ओर से जिले में अलग-अलग स्थानों पर मिठाई सहित अन्य खाद्य पदार्थों की दुकानों पर सैंपल एकत्र किए गए थे। जांच के बाद अधिक सैंपल फैल पाए गए थे। इन्हें जुर्माना भी लगाया गया है। अधिकारियों की ओर से काफी मात्रा में मिठाई को भी नष्ट करवाया गया था।
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वर्जन
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी की ओर से ही सैंपल लिए जाते हैं। अब डिपार्टमेंट अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय के अधीन है। उनकी तरफ से अगर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मांग की जाती है तो टीम को भेज दिया जाता है। - डॉ. एमके भादू, सिविल सर्जन, सिरसा।
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