संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। नोहरिया बाजार की ट्यूबवेल वाली गली में रविवार शाम को मकान में बने एक कमरे की छत ढह गई। छत ढहने से बड़ा हादसा हो सकता था ,लेकिन एक आवाज ने कमरे में बैठी मकान मालिक की पत्नी व बेटे की जान बचा ली। आवाज सुनकर दोनों कमरे से बाहर आ गए। इसके 2 मिनट बाद ही छत ढह गई। छत ढहने से कमरे में रखा सारा सामान मलबे में दबकर नष्ट हो गया।
ट्यूबवेल वाली गली निवासी सोनू ऑटो रिक्शा चलाता है। सोनू का कहना है कि रविवार शाम छह बजे वह ऑटो रिक्शा लेकर अपने घर पहुंचा। उसने बाहर से अपने पुत्र सौरभ को आवाज लगाई। उसकी आवाज सुनकर कमरे में बैठी उसकी पत्नी सुखविंद्र कौर, पुत्र सौरभ व भतीजी सिमरन बाहर आई। इसके बाद सोनू ने सौरभ को कुर्सी लाने के लिए बोलकर पत्नी से पानी मांगा। इतने में ही कमरे की छत ढह गई। धमाके की आवाज सुनकर पड़ोस के लोग अपने घरों से बाहर आ गए। सोनू का कहना है कि मकान के दूसरे कमरे में उसकी मां कुला देवी मौजूद थी। वह भी बाल बाल बच गईं।
सारा सामान नष्ट हो गया, लेकिन लड्डू गोपाल जी को नहीं आई आंच
सोनू का कहना है कि उनका परिवार लड्डू गोपाल जी का भक्त है। उसकी पत्नी ने कमरे में दो लड्डू गोपाल रखे हुए हैं। कमरे में जिस जगह लड्डू गोपाल जी रखे हुए थे। छत ढहने के बाद भी लड्डू गोपाल की मूर्ति को कुछ नहीं हुआ। जबकि टीवी, बेड से लेकर सारा घरेलू सामान नष्ट हो गया। सोनू का कहना है कि उसे लेट घर आना था पर अचानक ही उसका मन घर आने को कर गया। ईश्वर की कृपा से वह शाम 6 बजे ही घर पहुंच गया और बेटे और पत्नी को आवाज लगाकर बाहर बुलाया लिया। इससे उसकी पत्नी, बेटे व भतीजी की जान बच गई।
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पीड़ित ने प्रशासन से लगाई मदद की गुहार
मकान मालिक सोनू ने बताया है कि उसका परिवार गरीब है। पूरे परिवार की जिम्मेदारी उसी पर है। उसने कुछ समय पहले ही कमरे के ऊपर कच्ची छत डाली थी, ये भी अब गिर गई। सोनू ने जिला प्रशासन से संकट की इस घड़ी में आर्थिक मदद की गुहार लगाई है ताकि वह नई छत व जरूरी घरेलू सामान खरीद सके। मोहल्लावासियों ने भी शहर की समाजसेवी संस्थाओं से अपील की है कि वे पीड़ित परिवार की मदद के लिए आगे आएं।
छत ढहने से मलबे तले दबा घरेलू सामान। संवाद