सिरसा। जिले के राजकीय स्कूलों से निरंतर विद्यार्थियों की संख्या घट रही है। पिछले साल की तुलना में इस साल राजकीय स्कूलों में करीब 17 हजार विद्यार्थियों ने कम दाखिला लिया है। शिक्षा विभाग विद्यार्थियों की कम होती संख्या के कारणों को ढूंढने का प्रयास कर रहा है।
राजकीय स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने को लेकर शिक्षा विभाग सहित शिक्षकों की ओर से निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं बाल वाटिका से लेकर बारहवीं तक के शिक्षक घर-घर जाकर विद्यार्थियों को राजकीय स्कूलों में दाखिला करवाने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन इन सब कोशिशों का कोई असर नहीं दिख रहा है। जिले में चालू शिक्षा सत्र 2024-25 में अब तक बाल वाटिका से लेकर बारहवीं कक्षा तक 1,14, 428 विद्यार्थियों ने दाखिला लिया है। जबकि पिछले शैक्षणिक सत्र 2023-24 में इन्हीं कक्षाओं में बच्चों की संख्या 1, 32,242 थी। यानी इस शिक्षा सत्र में अभी तक पिछले साल सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले 17,814 विद्यार्थियों ने स्कूल में दाखिला नहीं लिया है। ये 17,814 विद्यार्थी कहां गए इसके बारे में शिक्षा विभाग को अभी तक नहीं पता। हालांकि अभी दाखिला प्रक्रिया जारी है और अभी तक दसवीं कक्षा का परिणाम भी जारी नहीं हुआ है। जिला शिक्षा विभाग द्वारा अब भी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे है।
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शिक्षक बोले-उम्र सीमा बढ़ाने से कम हुआ दाखिले
राजकीय स्कूलों के शिक्षकों का कहना है कि शिक्षा निदेशालय की ओर से पिछले साल से स्कूल में विद्यार्थियों के दाखिले की उम्र सीमा 6 साल कर दी गई थी। जिसके चलते शिक्षक पहली कक्षा में प्रवेश को लेकर निर्धारित की गई छह वर्ष की आयु को भी दोषी मानते है। अध्यापकों का मानना है कि निजी स्कूल साढ़े तीन साल के बच्चों को अपने स्कूलों में दाखिला दे देते हैं। जिसके चलते अभिभावक निजी स्कूलों में विद्यार्थियों का दाखिला करा देते है। वहीं दूसरा बड़ा कारण दसवीं के बाद विद्यार्थियों का प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करना है। शिक्षकों का मानना है कि जिले में बहुत से इंस्टीट्यूट खुल चुके हैं। जो बच्चों को दसवीं के बाद सरकारी नौकरी या फिर विदेश भेजने का लालच देते हैं। ऐसे में बहुत से बच्चे इनके बहकावे में आकर अपनी पढ़ाई छोड़कर प्रतियोगी परीक्षाओं या फिर आईलेट्स की तैयारी करने में लग जाते हैं।
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ड्राॅप आउट बच्चों को ढूंढने के निर्देश
प्रवेश उत्सव के दौरान राजकीय स्कूलों के शिक्षक डोर टू डोर अभियान चला रहे हैं। वहीं अब विद्यार्थियों की घटती संख्या को देखते हुए शिक्षा विभाग की ओर से सभी शिक्षकों को निर्देश जारी किए गए है। विभाग ने सभी शिक्षकों को ड्रॉपआउट बच्चों को ढूंढने के निर्देश दिए है। विभाग का मानना है कि इनमें से अधिकतर बच्चों ने अपनी पढ़ाई छोड़ दी होगी। जिसके चलते अब इन बच्चों की तलाश शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है।
इस प्रकार घटी है एक साल में विद्यार्थियों की संख्या
कक्षा, सत्र 2023-24, सत्र 2024-25
बालवाटिका, 4020, 2382
पहली, 6026, 4879
दूसरी, 9333, 6237
तीसरी, 11821, 9435
चौथी, 11825, 11750
पांचवीं, 12365, 11803
छठी, 12963, 11150
सातवीं, 13150, 12786
आठवीं, 12112, 13042
नौवीं, 11722, 12399
दसवीं, 10140, 10101
ग्यारहवीं, 8262, 1142
बारहवीं, 8503, 7322
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शिक्षा विभाग की ओर से अभी प्रयास जारी है। वहीं दाखिला प्रक्रिया भी चल रही है। इस साल विद्यार्थियों की संख्या को राजकीय स्कूलों में पूरा कर लिया जाएगा। - बूटा राम, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सिरसा।