कालांवाली। राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक पाठशाला में जांच दौरान लोगों से बातचीत करते हुए टीम
- फोटो : भारतीय शास्त्रीय संगीत सिखाते हुए कलाकार।
कालांवाली। गांव कालांवाली के राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक पाठशाला के पूर्व मुख्य शिक्षक भोला राम की कार्यप्रणाली व घोटालों की जांच के लिए ग्राम सरपंच व ग्रामीणों ने शिकायत की थी। इस पर शिक्षा विभाग के निर्देश पर वीरवार को तीन सदस्यीय कमेटी जांच के लिए स्कूल में पहुंची। जांच के दौरान कई अनियमितताएं मिली हैं। कमेटी ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए।
टीम को एसएमसी कमेटी के बैंक खाते की चेक बुक व अन्य रिकार्ड पेश नहीं किया, मिड-डे मील के राशन में गड़बडी पाई गई। वहीं बच्चों की संख्या में गड़बडी पाई गई, सोलर पैनल के चार बैटरियां मौके से गायब मिलीं, जोकि बैठक के चलते नई मंगवा कर खानापूर्ति की गई। इसके अलावा 21 जुलाई को मुख्य शिक्षक की ओर से 12 बच्चों की एसएलसी काटी गई, जिसका कोई रिकाॅर्ड पेश नहीं कर सका।
मिड-डे मील वर्करों की ओर से स्कूल के पुराने पीतल के बर्तन गायब होने की पुष्टि की। इसके अलावा स्कूल में सफाई व्यवस्था का बुरा हाल देखने को मिला और कई प्रकार की अनियमितताएं पाई गईं। इस पर सरपंच व ग्रामीणों के बयान दर्ज किए गए। वहीं मुख्य शिक्षक ने उक्त सभी आरोपों को निराधार बताया है। जांच के आधार पर रिपोर्ट तैयार की गई है। उक्त रिपोर्ट को विभाग के उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा। इस मौके पर ब्लाॅक समिति के सदस्य अमर नूना, हरप्रीत सिंह, जंटा सिंह, गोपी सिंह, देवा सिंह आदि मौजूद रहे।
ग्रामीणों ने आठ जुलाई को लिया था स्कूल का जायजा
विभाग की ओर से राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य जगदेव सिंह गिल की अगुवाई में जांच कमेटी गठित की गई थी। इसमें राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पन्नीवाला मोटा के प्रधानाचार्य मनजीत सिंह व राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चोरमार के प्रधानाचार्य बलविंद्र सिंह शामिल रहे। इनके अलावा गांव कालांवाली के राजकीय कन्या विद्यालय की प्रिंसिपल भी मौजूद रहीं। गौरतलब है कि गांव के सरपंच अजैब सिंह व गांव के ग्रामीणों ने बीती आठ जुलाई को स्कूल का जायजा लिया था। इस दौरान अनेक अनियमितताएं और अव्यवस्था पाईं गई थीं। इस पर सरपंच व ग्रामीणों ने मुख्य शिक्षक भोला राम के खिलाफ शिकायत करते हुए जांच की मांग की थी।
-जांच के दौरान स्कूल में कई अनियमितताएं मिलीं हैं। इस संबंध में दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए गए हैं। इसके आधार पर रिपोर्ट तैयार की गई है। उक्त रिपोर्ट को विभाग के उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा।
- प्रधानाचार्य जगदेव सिंह गिल, नोडल अधिकारी, जांच कमेटी।