सिरसा। शहर के सीवरेज सिस्टम को दुरुस्त करने का रास्ता साफ हो गया है। अमृत 2.0 के तहत दो चरणों में यह काम करवाया जाएगा। इस पर करीब 12.8 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। बजट को मुख्य सचिव संजीव कौशल ने हरी झंडी दे दी है। इसके बाद जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने प्रोजेक्टों को अंतिम रूप देने का कार्य तेजी से शुरू कर दिया हैं।
शहर में ब्लॉक सीवरेज लाइन से शहरवासियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। ऐसे में जिला प्रशासन ने शहर की मूलभूत सुविधा को लेकर प्रोजेक्ट तैयार कर कुछ अनुमानित एस्टीमेट मुख्यालय भेजे थे। अब इन्हें मूर्त रूप देने का कार्य शुरू हो गया है। सिरसा शहर के सीवरेज व पेयजल सिस्टम को मजबूत करने लिए 12 करोड़ 80 लाख रुपये के प्रोजेक्टों को फाइनल करके मंजूरी के लिए मुख्यालय भेजे जाएंगे। जिन पर मुख्यालय से मुहर लगने के बाद प्रशासनिक अधिकारी आगामी कार्रवाई शुरू कर देंगे। इसके साथ ही प्रशासन की ओर से शहर में लंबे समय से बसी अनधिकृत कॉलोनियों में भी मूलभूत सुविधाएं दी जाएंगी। इसको लेकर भी कुछ प्रोजेक्ट बनाए गए हैं।
यह हैं दो प्रोजेक्ट
पहला प्रोजेक्ट
: 6 करोड रुपये
रामनगरिया में सीवरेज लाइन बिछाई जाएगी।
- ऑटो मार्केट में अतिरिक्त सीवरेज लाइन बिछाने का कार्य करवाया जाएगा।
- बूटाराम कॉलोनी में सीवरेज की लाइन बिछाई जाएगी।
- कंगनपुर में डिस्पोजल बनाया जाएगा।
दूसरा प्रोजेक्ट
: 6 करोड 80 लाख रुपये
- सीडीएलयू से केलनियां डिस्पोजल तक मुख्यलाइन बिछाई जाएगी। इस लाइन को मुख्य रोड के साथ साथ बिछाया जाएगा।
- खैरपुर डिस्पोजल को अपग्रेड किया जाएगा।
- डीसी कॉलोनी, रामकॉलोनी, प्रेम नगर, चतरगढ़ पट्टी, बस स्टैंड एरिया, रेलवे स्टेशन के आस पास का एरिया पूरी तरह से कवर होगा। इससे क्षेत्र की सालों पुरानी सीवरेज ब्लाॅक संबंधी समस्या का स्थायी समाधान होगा। अधिकारियों की माने तो रेलवे लाइन की पूर्वी दिशा के संपूर्ण क्षेत्र को इस प्रोजेक्ट का लाभ मिलेगा।
जिले में बनाए जाएंगे प्रोजेक्ट, अटके काम होंगे पूरे
- पुरानी सीवरेज व पेयजल लाइन को बदलने का कार्य किया जाएगा ।
- शहरों में पेयजल किल्लत का स्थाई समाधान होगा। एडवांस तकनीक पर आधारित होंगे प्रोजेक्ट ।
- सीवरेज सिस्टम को अपग्रेड किया जाएगा।
- पेयजल सप्लाई की लाइन लीकेज की समस्या को जड़ से खत्म किया जाएगा।
बारिश के पानी निकासी नगर परिषद पर निर्भर
शहरों की बारिश के पानी की निकासी की जिम्मेदारी नगर परिषद के कंधों पर ही रहेगी। हालांकि कई बार जनप्रतिनिधियों ने नगर परिषदों के कार्यों से असंतुष्टि जताते हुए सरकार से बारिश के पानी निकासी का प्रोजेक्ट भी जन स्वास्थ्य विभाग को सौंपने की मांग की है, लेकिन अभी तक यह प्रोजेक्ट नगर परिषदों के पास ही है।
अमृत 2.0 के तहत दो प्रोजेक्ट पर
कार्य चल रहा है। एक प्रोजेक्ट 6 करोड़ और एक प्रोजेक्ट 6 करोड 80 लाख रुपये का है। दोनों प्रोजेक्टों से शहर में सीवरेज सिस्टम को अपग्रेड किया जाएगा। रेलवे लाइन के पूर्वी एरिया की सीवरेज ब्लॉक की समस्या जड़ से खत्म हो जाएगी।
- भानू प्रकाश , एक्सईएन , जन स्वास्थ्य विभाग