कालांवाली। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) आमजन के लिए मुसीबत का सबब बनता जा रहा है। गांव कुरूंगावाली का गगनदीप सिंह पीपीपी में आय का ब्योरा दुरुस्त कराने के लिए विभाग के चक्कर काट रहा है। अधिकारियों की लापरवाही से बिना जमीनी जांच के घर बैठे ही युवक की वार्षिक आय 3 लाख रुपये प्रमाणित कर दी गई है।
हादसे ने छीना काम, अब कागजों ने रोकी पेंशन
गांव निवासी गगनदीप सिंह ने सीएम विंडो पर शिकायत दर्ज करवाकर न्याय की गुहार लगाई है। गगनदीप ने बताया कि वह शारीरिक रूप से दिव्यांग है। एक हादसे में उसकी टांग कट गई थी जिसके कारण वह मजदूरी करने में भी अक्षम है। परिवार की स्थिति अत्यंत दयनीय है। घर में विधवा मां और बड़ा भाई है लेकिन भाई भी हादसे का शिकार होने के कारण कोई काम नहीं कर सकता।
गगनदीप ने शिकायत में कहा कि उनके पास न तो कोई जमीन-जायदाद है और न ही आय का कोई अन्य स्रोत। मकान की हालत भी जर्जर है। इसके बावजूद उनकी फैमिली आईडी में आय 3 लाख रुपये दर्शाई गई है। आय अधिक होने के कारण गगनदीप की दिव्यांग पेंशन भी नहीं बन पा रही है। आरोप है संबंधित कर्मचारी फील्ड में आकर जांच करने के बजाय दफ्तरों में बैठकर मनमर्जी से आय दर्ज कर रहे हैं।
पीड़ित ने प्रशासन से मांग की है कि उसकी पारिवारिक स्थिति का भौतिक सत्यापन करवाया जाए और फैमिली आईडी में आय को दुरुस्त कर उसे सरकारी योजनाओं का लाभ दिलवाया जाए।