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Sirsa News: छह साल बाद पहुंची ऑडिट टीम विकास कार्यों के खंगाले रिकॉर्ड

Thu, 29 Aug 2024 11:48 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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नगर परिषद कार्यालय।   फोटो फाइल 
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संवाद न्यूज एजेंसी
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सिरसा। शहर में हुए विकास कार्यों और योजनाओं के पैसे के आंवटन व खर्च के ऑडिट के लिए तीन सदस्यीय टीम नगर परिषद पहुंची है। इससे नगर परिषद में अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। टीम ने नगर परिषद के कई अधिकारियों व कर्मचारियों को तलब कर उनसे रिकार्ड की मांग की है। टीम पिछले पांच सालों के विकास कार्यों, मृत पशुओं का रिकॉर्ड, विवादित कार्यों की जांच के लिए रिकॉर्ड खंगाली रही है। टीम के यह कार्रवाई छह साल बाद हुई है। ऐसे में नगर परिषद में निरंतर रहने वाले ठेकेदार भी तीन दिनों से गायब हैं।

एक्सईएन कार्यालय में पिछले दो दिनों से तीन सदस्यीय ऑडिट टीम रिकॉर्ड की जांच कर रही है। ऑडिट टीम के अधिकारियों के अनुसार सभी विभागों के कार्यों के भुगतान का ऑडिट किया जा रहा है। एक-एक कर विभाग के दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं। जांच के बाद दस्तावेजों में पाई जाने वाली कमियों को लेकर सूची बनाई जाएगी। संबंधित विभाग को दस्तावेजों को दुरुस्त करना होगा अन्यथा उस विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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कोरोना के चलते नहीं आई थी पोस्ट ऑडिट टीम
अधिकारियों के अनुसार वर्ष 2020 व 2021 में कोरोना महामारी फैली हुई थी। इस बीमारी के कारण आवागमन पूरी तरह से बंद था। ऐसे में वर्ष 2021 में पोस्ट ऑडिट नहीं हो पाई। अब वर्ष 2024 में अब पोस्ट ऑडिट का कार्य चल रहा है। बीच में विभाग की ओर से ऑडिटर से प्री-ऑडिट करवाई गई थी, लेकिन पोस्ट ऑडिट करवाना बेहद जरूरी होता है।


इन विकास कार्यों पर उठे सवाल
सफाई ठेकेदार की 45 लाख रुपये राशि जारी करने पर।
10 करोड़ के विकास कार्य का भुगतान करने पर।
1 हजार लाइटों का भुगतान करने पर।
मृत पशुओं का भुगतान जारी करने को लेकर।
अमृत के तहत प्रोजेक्ट नौ करोड़ से बढ़ाकर 37 करोड़ के टेंडर व भगुतान की जांच।
अवैध श्याम कॉलोनी में 2023 में बनाई गई सड़कों का भुगतान रोकने की।


क्या होता है पोस्ट ऑडिट
नगर परिषद में विभिन्न कार्यों को लेकर टेंडर व अन्य माध्यमों से पैसा जारी किया जाता है। खर्च की गई राशि के बिलों व विभागीय तौर पर खर्च किए गए पैसे के बिलों की जांच ऑडिट अधिकारी करते हैं। एक-एक रुपये का मिलना टीम द्वारा किया जाता है। सरकार अपने स्तर पर हर वर्ष या तीन साल के बाद अधिकारियों को आय - व्यय की जांच के लिए भेजती है। इस दौरान भ्रष्टाचार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
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कोट्स
पोस्ट ऑडिट की टीम रुटीन तौर पर आई हुई है। सभी विभागों के बिलों आदि की जांच कर रही है। जांच के बाद ऑडिट की टीम अपनी रिपोर्ट देगी। - अतर सिंह खनगवाल, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद।
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