संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। नरमे में फसल में गुलाबी सुंडी के असर को देखते हुए कपास अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिक और कृषि विभाग के अधिकारी निरंतर निगरानी कर रहे हैं। जिले के गुलाबी सुंडी से प्रभावित गांवों का टीम निरीक्षण कर रही है। अभी तक के निरीक्षण में सामने आया है कि गुलाबी सुंडी का प्रकोप नरमे की फसल में नहीं है। हालांकि कृषि विभाग के अधिकारियों की ओर से अलर्ट जारी किया हुआ है।
अलर्ट के अनुसार 15 सितंबर तक किसानों को अपनी फसल को लेकर हाईअलर्ट पर रहना होगा। कृषि वैज्ञानिकों और अधिकारियों की ओर के निर्देश अनुसार किसान कार्य करेंगे।
कृषि अधिकारियों के अनुसार कपास अनुसंधान केंद्र और कृषि विभाग की ओर से संयुक्त रूप से कार्य किया जा रहा है। अभी तक 20 से ज्यादा गांवों का निरीक्षण किया जा चुका है। किसानों की फसल अभी तक सही है। इस बार मौसम फसल के अनुरूप रहा है। इसी का परिणाम है कि गुलाबी सुंडी अभी तक पनप नहीं पाई है। मौजूदा समय में हरा तेला, सफेद मक्खी के कुछ लक्षण देखने को मिल रहे हैं। इसको लेकर किसानों से अपील है कि वह स्प्रे जरूर करें। फसल की 15 सितंबर तक देखभाल करना बेहद जरूरी है।
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किसान यह रखें ध्यान
मौजूदा मौसम के अनुरूप किसानों को ज्यादा सतर्क रखने की जरूरत है। किसान अपने फेरोमोन ट्रैप की नियमित रूप से जांच करें। चार से पांच यही कीट ट्रैप में आ रहे हैं, तो तुंरत प्रभाव से कृषि अधिकारियों व वैज्ञानिकों द्वारा बताई गई स्प्रे का प्रयोग करें। इसके अलावा टिंडे की जांच करें। नियमित रूप से खेत में जाएं। जिन टिंडे या फूल पर शक हो, उसको तोड़कर कर देखे , उसमें कोई गुलाबी सुंडी के लक्षण मिले तो स्प्रे मिले।
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नरमे और कपास की फसल अब तक अच्छी रहने के कारण
- मौसम में शुरुआती समय में गर्मी रही।
- बारिश भी ज्यादा नहीं हुई।
- मौजूदा समय में सुबह ठंडक व गर्मी का माहौल है। जो अभी तक सही चल रहा है।
केंद्र कपास अनुसंधान केंद्र व हमारी टीमें अभी तक कई गांवों में जा चुकी है। किसानों से बातचीत करने के साथ साथ उनकी फसलों की जांच की है। जांच में अभी तक फसल सही मिली है। इसके बाद भी 15 सितंबर का समय अहम है। आगामी 20 दिन नियमित रूप से किसान अपने खेत में जाए और फसल निगरानी करें। कोई कोताही न बरते। - सुखदेव कंबोज, उप निदेशक , कृषि विभाग