कॉलेज खुलवाने और फीस वापस की मांग को लेकर विद्यार्थी नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते हुए।
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सिरसा। स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय खुलवाने की मांग को लेकर विद्यार्थियों ने सोमवार को लघु सचिवालय के समक्ष प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं विद्यार्थियों ने कहा कि कोरोना फैलाव के डर से सरकार ने स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय तो बंद करवा दिए है लेकिन राजनीति पार्टियों के कार्यक्रम और रैलियां चल रही हैं। स्कूल में कोरोना फैलता है लेकिन रैलियों और कार्यक्रमों में नहीं। वहीं विद्यार्थियों ने नायब तहसीलदार हरीश चंद्र को मांग पत्र सौंपा।
सोमवार को उपायुक्त कार्यालय में प्रदर्शन करते हुए पहुंचे विद्यार्थी दिलप्रीत, पारस, सुनील कुमार, रविंद्र सिंह, गगन देव, अरविंद और सतपाल ने कहा कि कोरोना के मामले बढ़ने का कारण बताकर सरकार की ओर से स्कूल, कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थानों को बंद कर दिया गया है। जिसके कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। पढ़ाई के लिए पहले ही वह फीस जमा करवा चुके हैं लेकिन अब ऑनलाइन कक्षाओं की बात कहकर उनको घरों में ही रहने की बात कह रहे हैं। जबकि दूसरी तरफ सरकार में शामिल नेता ही हर रोज अपनी अपनी बैठकों और कार्यक्रमों का आयोजन कर रहे हैं। जिनमें नियमों का पालन तक नहीं होता। वहां पर कोरोना फैलाव को कोई खतरा नहीं है और स्कूलों में कोरोना फैलने का डर दिखाया जा रहा है। स्कूलों के बंद होने के कारण न तो वह पढ़ाई कर पा रहे है और न ही ठीक तरह से परीक्षाएं दे रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में नेट की सुविधा न होने के कारण उन्हें अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। बीते वर्ष भी उनकी परीक्षाए ऑनलाइन ली गई थी। लेकिन नेट की समस्या के कारण ग्रामीण क्षेत्र के कई विद्यार्थियों पर यूएमसी तक बना दी गई।